भविष्य से भेंट में बच्चों के बीच पहुँचे अफसर; कलेक्टर ने पढ़ाया सफलता का पाठ

इंदौर

स्कूल चले हम अभियान के तहत इंदौर के स्कूलों में उमड़ा उत्साह, अधिकारियों ने साझा किए अनुभव ::
इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप जिले भर में शनिवार को स्कूल चले हम अभियान के अंतर्गत भविष्य से भेंट कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष पहल के तहत कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ सहित तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने शासकीय विद्यालयों में पहुँचकर शिक्षक की भूमिका निभाई। अधिकारियों ने न केवल बच्चों को गणित और विज्ञान जैसे कठिन विषयों के पाठ पढ़ाए, बल्कि अपने जीवन के संघर्ष और सफलता के अनुभव साझा कर विद्यार्थियों में नया आत्मविश्वास जगाया।
:: लक्ष्यों को छोटे हिस्सों में बांटें : कलेक्टर
कलेक्टर शिवम वर्मा सांदीपनि शासकीय श्रीदेवी अहिल्या आश्रम विद्यालय पहुँचे। यहाँ उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि सफलता रातों-रात नहीं मिलती, इसके लिए बड़े लक्ष्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर उन पर निरंतर काम करना चाहिए। अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई और छात्र जीवन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल केवल किताबी ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला है। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और वाद-विवाद जैसी गतिविधियों में सक्रिय रहने की सलाह दी। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी शांता स्वामी भी उपस्थित रहीं।
:: शिक्षक ही संवारते हैं राष्ट्र का भविष्य ::
इसी कड़ी में जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन एम.ओ.जी. लाईन स्थित मालव कन्या विद्यालय पहुँचे। उन्होंने छात्राओं को सफलता के गुर सिखाते हुए प्रेरित किया कि वे अपने सपनों को साकार करने के लिए अनुशासित रहें। दूसरी ओर, राज्य शिक्षा केंद्र के अपर संचालक डॉ. अरुण सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र के राऊ और असरावद खुर्द स्कूलों का दौरा किया। उन्होंने छात्राओं से संवाद के दौरान शिक्षक के पेशे को राष्ट्र निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व बताया। उन्होंने स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली पुस्तकें भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।
:: विद्यार्थियों में दिखा भारी उत्साह ::
प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच पाकर स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। विद्यार्थियों ने अधिकारियों से अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं और करियर संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त किया। जिले भर में चली इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें बेहतर भविष्य के प्रति सजग करना रहा। कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया कि सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।