हिमंत का सीएम बनना तय, रविवार को होगी बैठक

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12 मई को भव्य शपथ ग्रहण समारोह होगा
गुवाहाटी । असम में विधानसभा चुनावों के परिणामों के बाद अब नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर इतिहास रचने वाले एनडीए गठबंधन के विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को होने जा रही है। इस बैठक में औपचारिक रूप से विधायक दल के नए नेता का चुनाव किया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही है कि हिमंत बिस्वा सरमा को एक बार फिर सर्वसम्मति से नेता चुना जाएगा।
नवनिर्वाचित सरकार का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार, 12 मई को गुवाहाटी के खानपाड़ा स्थित वेटरनरी कॉलेज खेल मैदान में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की पुष्टि हुई है। प्रदेश नेतृत्व के अनुसार, इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए एक लाख से अधिक लोगों के जुटने की उम्मीद है, जिसके लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर पूरी की जा रही हैं। रविवार को होने वाली विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा के बाद सबसे महत्वपूर्ण कार्य मंत्रिमंडल का चयन होगा। असम विधानसभा की 126 सीटों के संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, मंत्रिमंडल में अधिकतम 19 मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। गठबंधन के पास कुल 102 विधायक हैं, जिनमें से क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधते हुए 18 मंत्रियों का चयन करना एक बड़ी चुनौती है। असम की सामाजिक विविधता को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट में अहोम, कोच राजबोंग्शी, अनुसूचित जाति, चाय जनजाति, मोरन, मोटोक और नाथ योगी जैसे समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य माना जा रहा है। विशेष रूप से, नाथ योगी समुदाय से जीतकर आए एकमात्र विधायक की मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना काफी प्रबल है। मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ-साथ विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों के लिए भी वरिष्ठ विधायकों के नामों पर चर्चा चल रही है। 126 सदस्यीय सदन में 102 सीटों की शानदार जीत ने पार्टी के भीतर उत्साह का माहौल बना दिया है और वरिष्ठ पदाधिकारियों को समारोह के दौरान अनुशासन व व्यवस्था बनाए रखने की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।