पल्लवी पुरोहित, का सफ़र महज़ एक करियर का रास्ता नहीं, बल्कि अनजान राहों में सोच-समझकर उठाए गए क़दमों की एक कड़ी है। और वह इन सभी बातों के बारे में उसी सहज ईमानदारी के साथ बात करती हैं।उन्होंने कहा, “मेरे लिए किसी एक खास किरदार को चुनकर बाकी सभी को कमतर आंकना गलत होगा। हालांकि, मुंबई का उनका सफ़र किसी फ़िल्म सेट से नहीं, बल्कि एक होटल की लॉबी से शुरू हुआ था। उन्होंने बताया, उन्होंने हॉस्पिटैलिटी की पढ़ाई की और JW मैरियट, गोवा में काम किया। उन्होंने कहा, “एक बार वहां इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल हुआ था, जिसमें कई मशहूर हस्तियां आई थीं। मैं मणि रत्नम, करीना कपूर खान, शाहिद कपूर और शिवराजकुमार जैसे सितारों की मेहमाननवाज़ी कर रही थी। उसी पल मुझे अपनी ज़िंदगी का मकसद समझ आया: मुझे टेबल के दूसरी तरफ होना था। ओबेरॉय, बेंगलुरु में जाने के बाद भी वह एहसास मेरे मन से नहीं गया। कहीं न कहीं, अपने अंदर मैं अधूरापन महसूस कर रही थी। एक दिन मैंने अख़बार में कास्टिंग का एक छोटा-सा विज्ञापन देखा, और बस, रातों-रात मैंने सब कुछ छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया।”


1 thought on “होटल की लॉबी से शुरू हुआ था मेरा सफर”
Comments are closed.