10 साल बाद चुनाव याचिका पर फैसला, हाईकोर्ट ने हारे प्रत्याशी को घोषित किया विधायक

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-तत्कालीन विधायक वाली सुविधाएं, अधिकार और प्रोटोकॉल देने को कहा
चेन्नई । तमिलनाडु हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण चुनाव याचिका पर लगभग 10 वर्ष बाद फैसला सुनाते हुए चुनाव में पराजित घोषित किए गए प्रत्याशी को वैध विधायक घोषित कर दिया है। अदालत ने पाया कि संबंधित विधानसभा क्षेत्र के चुनाव परिणाम में कानूनी खामियां थीं, जिसके आधार पर निर्वाचित विधायक की सदस्यता को अमान्य माना गया।
हाईकोर्ट ने तमिलनाडु विधानसभा सचिवालय को निर्देश दिया है कि वर्तमान अभिलेखों से पूर्व विधायक का नाम हटाकर याचिकाकर्ता का नाम विधायक के रूप में दर्ज किया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि नए घोषित विधायक को वही सभी अधिकार, सुविधाएं और प्रोटोकॉल उपलब्ध कराए जाएं जो संबंधित अवधि में विधायक पद से जुड़े रहे हैं।
यह मामला चुनाव याचिका के लंबे समय तक लंबित रहने के कारण भी चर्चा में है। राजनीतिक और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव संबंधी विवादों का शीघ्र निपटारा लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता के लिए आवश्यक है। फैसले के बाद संबंधित राजनीतिक दलों और क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हाईकोर्ट के इस निर्णय को चुनावी कानून और जनप्रतिनिधित्व से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।