मुंबई, । महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में घोषणा की कि राज्य के प्रत्येक पुलिस थाने में विशेष एंटी-ड्रग्स स्क्वॉड (अंमली पदार्थ विरोधी पथक) गठित किया जाएगा। ड्रग्स के खिलाफ उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को विशेष भत्ता और पसंदीदा नियुक्ति दी जाएगी, जबकि जिन थाना क्षेत्रों में बार-बार ड्रग्स बरामद होंगे, वहां के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा में विधायक सुनील प्रभु द्वारा उठाए गए प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच राज्यभर में 254 करोड़ 53 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। इस दौरान ड्रग्स से जुड़े 1,142 मामले दर्ज हुए और 1,626 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं ड्रग्स का सेवन करने वालों के खिलाफ 3,199 मामले दर्ज किए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के सबसे बड़े ड्रग्स नेटवर्क संचालकों में से एक सलीम डोला को रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए गिरफ्तार कर भारत लाया गया है। मुंबई पुलिस ने उसके साथ 12 सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि उसने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में एमडी (मेफेड्रोन) बनाने के कारखाने स्थापित कर करीब 4,000 किलोग्राम एमडी ड्रग्स का उत्पादन और वितरण किया था। सातारा में हाल ही में पकड़ी गई ड्रग्स फैक्ट्री भी उसी के नेटवर्क का हिस्सा होने की पुष्टि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पुलिस केवल ड्रग्स बरामद करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके पीछे और आगे जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाकर कार्रवाई करेगी। हाल ही में आग्रीपाड़ा और साकीनाका में हुई कार्रवाई के आधार पर क्रमशः 50 करोड़ रुपये और 74 करोड़ रुपये मूल्य के मेफेड्रोन की बड़ी खेप जब्त की गई। उन्होंने बताया कि ड्रग्स तस्करों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आर्थिक संबंध रखने वाले पुलिस अधिकारियों को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया गया है। वर्ष 2025 में 523.17 करोड़ रुपये मूल्य के ड्रग्स नष्ट किए गए। केंद्र सरकार के नए नियमों के अनुसार, अदालत की अनुमति मिलने के बाद जब्त मादक पदार्थों को एक ही दिन में नष्ट कर दिया जाता है ताकि वे दोबारा बाजार में न पहुंच सकें।
- 15 विभागों की संयुक्त टास्क फोर्स
ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को व्यापक बनाने के लिए गृह, राजस्व, उद्योग, चिकित्सा शिक्षा और स्कूल शिक्षा सहित 15 विभागों की संयुक्त टास्क फोर्स बनाई गई है। मुंबई के लगभग 3,000 स्कूलों और कॉलेजों में नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है तथा शिक्षण संस्थानों के आसपास अवैध ठेलों और अड्डों पर कार्रवाई की जा रही है। - हर जिले में नशामुक्ति केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स की जानकारी देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पुरस्कार भी दिया जाएगा। साथ ही युवाओं के पुनर्वास के लिए मुंबई में विशेष पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे तथा राज्य के प्रत्येक जिले में नशामुक्ति केंद्र खोले जाएंगे। महाराष्ट्र सरकार ने एनडीपीएस कानून में संशोधन के लिए केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव भी भेजे हैं।

