अरुणाचल में गांव वाले बोले- चीनी सेना निजी जमीन पर कब्जा कर रही

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भारतीय सेना ने दावे खारिज किए, सरकार ने कहा- जांच कराएंगे
सुबनसिरी । अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा घुसपैठ और स्थानीय लोगों की पैतृक जमीन पर कब्जा करने के दावों ने एक नई चिंता पैदा कर दी है। सीमावर्ती इलाके में सक्रिय एक स्थानीय सामुदायिक संगठन नाह वेलफेयर सोसाइटी (एनडब्ल्यूएस) के इन गंभीर आरोपों के बाद अरुणाचल प्रदेश सरकार हरकत में आ गई है। राज्य के गृह मंत्री मामा नटुंग ने सोमवार को स्पष्ट किया कि सरकार इन दावों की सच्चाई का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन करेगी। हालांकि, इन दावों के सामने आने के तुरंत बाद भारतीय सेना ने इन्हें गलत और आधारहीन बताते हुए इनका खंडन किया है।
नाह वेलफेयर सोसाइटी ने हाल ही में जिले के डिप्टी कमिश्नर को लिखे एक पत्र में भारत-चीन सीमा पर चीनी सेना की गतिविधियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का दावा है कि चीनी सरकार तेजी से अपनी सीमा का विस्तार कर रही है और भारतीय क्षेत्र के महत्वपूर्ण हिस्सों पर कब्जा कर रही है। पत्र में कहा गया है कि चीन ने स्थानीय लोगों की पैतृक जमीन पर कई जगहों पर मिलिट्री कैंप स्थापित कर लिए हैं, और इसके अलावा वहां सड़कों तथा पुलों का भी निर्माण किया गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जिन इलाकों पर चीन कब्जा कर रहा है, वे उनके पारंपरिक शिकार के मैदान रहे हैं, जहां कुछ साल पहले तक वे बेरोकटोक घूमते थे और जंगलों से उत्पाद इकट्ठा करते थे। सोसाइटी ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि उनके मवेशी जहां चरने जाते थे, वे इलाके अब पूरी तरह से चीनी सेना के कब्जे में जा चुके हैं। दावों के मुताबिक, पिछले 10 से 15 सालों में सीमा पर चीन की इन अतिक्रमण वाली गतिविधियों में कई गुना वृद्धि हुई है। संगठन ने अपने पत्र में लिखा, ताकसिंग इलाके में चीनी सेना जिस मंशा और रफ्तार से काम कर रही है, वह हमारे लिए बेहद खतरनाक और गंभीर चिंता का विषय है। हम हर दिन इंच-दर-इंच अपनी जमीन उनके हाथों गंवा रहे हैं।इन दावों का संज्ञान लेते हुए अरुणाचल प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है। गृह मंत्री मामा नटुंग ने स्पष्ट किया कि यह रिपोर्ट जिला प्रशासन, निर्वाचित जन प्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों और पंचायत समितियों के निष्कर्षों पर आधारित होगी। उन्होंने कहा, फिलहाल ये सिर्फ दावे हैं। अगर सचमुच में कोई अतिक्रमण हुआ है, तो यह बहुत गलत होगा। इलाके में असल में क्या चल रहा है, इसका पता लगाने के लिए हम एक जांच समिति का गठन करेंगे। हालांकि, भारतीय सेना ने सोमवार को इन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें आरोप लगाया गया था कि चीनी सेना ने अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की है और कैंप लगाए हैं। सेना ने इन खबरों को गलत और बिना किसी आधार के बताया। सेना ने अपने बयान में कहा, हमने कुछ मीडिया रिपोर्ट देखी हैं जिनमें आरोप लगाया गया है कि चीनी पीएलए ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की है और कैंप लगाए हैं। ये रिपोर्ट गलत और बिना किसी आधार के हैं।