हाई रिस्क गर्भवती, सिकलसेल मरीज, बच्चे और कुपोषित मैप पर चिन्हित ::
बड़वानी/इंदौर । दुर्गम गांवों में कौन गर्भवती है, किसकी गर्भावस्था हाई रिस्क है, कौन-सा बच्चा निगरानी में है और कौन सिकलसेल से प्रभावित है- अब इसकी जानकारी स्वास्थ्य मैप पर एक नजर में उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को पाटी क्षेत्र के तलून उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर इस व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी), बच्चों और सिकलसेल मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा की।
आंत्रा फाउंडेशन द्वारा तैयार स्वास्थ्य मैप में गर्भवती महिलाओं, एचआरपी मामलों, बच्चों, सिकलसेल मरीजों और कुपोषण की स्थिति को चिन्हित किया गया है। इससे जरूरतमंदों की पहचान कर उनकी नियमित निगरानी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री ने मैपिंग के जरिए जरूरतमंदों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर से क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की संख्या, उनके नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और हाई रिस्क गर्भावस्था की पहचान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने एचआरपी महिलाओं की लगातार निगरानी और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिकलसेल प्रभावित मरीजों की संख्या, उपचार और स्वास्थ्य निगरानी की स्थिति भी जानी।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं और बच्चों से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण तथा दवाइयों की उपलब्धता के बारे में भी पूछा। कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर ने बताया कि आवश्यक जानकारी नियमित रूप से अनमोल पोर्टल पर दर्ज की जा रही है और केंद्र पर जरूरी दवाइयां समय पर उपलब्ध हैं।
डॉ. यादव ने पाटी क्षेत्र के दूरस्थ इलाकों में ग्रीन कमांडो अभियान के तहत चल रहे स्वास्थ्य कार्यों की जानकारी भी ली। उन्होंने दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
:: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता ::
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों, सिकलसेल मरीजों और कुपोषित बच्चों की नियमित पहचान व स्वास्थ्य निगरानी पर लगातार ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य अमले को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को समय पर जांच, उपचार, दवाइयां और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

