भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए जयशंकर ने जताया आभार

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मनामा ।पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपनी चार देशों की खाड़ी यात्रा के दूसरे चरण में सोमवार को बहरीन पहुंचे। उन्होंने बहरीन के शासक (शाह) हमद बिन ईसा अल खलीफा और युवराज व प्रधानमंत्री सलमान बिन हमद अल खलीफा से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने तथा आपसी सहयोग के नए रास्तों पर विस्तृत चर्चा हुई।
पांच से 10 जुलाई तक चलने वाली अपनी चार देशों की खाड़ी यात्रा के दूसरे चरण में जयशंकर कतर से बहरीन पहुंचे हैं। इस यात्रा में कुवैत और ओमान भी शामिल हैं। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर साझा की गई जानकारी में कहा, बहरीन के शासक हमद बिन ईसा अल खलीफा से भेंट कर सम्मानित महसूस किया। साथ ही, युवराज एवं प्रधानमंत्री सलमान बिन हमद अल खलीफा से भी मुलाकात करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने बहरीन के शाह को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं एवं अभिवादन भी प्रेषित किए।विदेश मंत्री ने बहरीन में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए शाह का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा, भारत-बहरीन साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए महामहिम के निरंतर मार्गदर्शन को हम अत्यंत महत्व देते हैं। बहरीन में भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा और उनके कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए मैंने उनका धन्यवाद किया। इससे पहले, जयशंकर ने बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जयानी से भी मुलाकात की और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर चर्चा की।जयशंकर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया, आज मनामा में बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जयानी से मिलकर खुशी हुई। हमने द्विपक्षीय सहयोग को और प्रगाढ़ करने पर चर्चा की। साथ ही, क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। अपनी यात्रा के दौरान, जयशंकर ने बहरीन में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की। इस चार देशों की यात्रा का उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र के अपने समकक्षों और शीर्ष नेताओं से मिलकर द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करना तथा क्षेत्रीय घटनाक्रमों व पारस्परिक हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है। उनकी यह यात्रा ऐसे महत्वपूर्ण समय में हो रही है जब अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म करने संबंधी समझौते के बाद पश्चिम एशिया में तेजी से राजनीतिक हालात बदल रहे हैं। इस युद्धविराम से पहले बहरीन पर ईरान द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमले भी हुए थे। इन बदलते समीकरणों के बीच, दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता भी फिर से शुरू होने वाली है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरा असर पड़ने की उम्मीद है।