मुंबई में भारी बारिश से 13 की मौत, 1,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
नई दिल्ली । आर्थिक राजधानी मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर ऐसा कहर बरपाया है कि पूरा जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश के चलते गुजरात के कई शहर नदी में तब्दील होते नजर आए हैं, जहां जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सूरत शहर में अतिवर्षा के चलते स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
सोमवार को मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में हुई इस भारी बारिश की वजह से रेल, सड़क और हवाई सेवाएं लगभग ठप पड़ गईं। इस प्राकृतिक आपदा ने भारत के सबसे बड़े कारोबारी शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है, जिससे शुरुआती अनुमानों के मुताबिक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, पिछले तीन से चार दिनों में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में कुल 13 लोगों की जान जा चुकी है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आपातकालीन कदम उठाए हैं। सरकार ने सभी निजी कंपनियों को सलाह दी है कि वे स्थिति सुधरने तक अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करने की इजाजत दें। इसके साथ ही सोमवार को गैर-जरूरी और अर्द्ध-सरकारी दफ्तरों के लिए आधे दिन की छुट्टी की घोषणा भी करनी पड़ी। चिंता की बात यह है कि मौसम विभाग ने 8 जुलाई तक इसी तरह भारी बारिश जारी रहने का अनुमान लगाया है, जिससे मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
प्रशासन के मुताबिक, मुंबई में जुलाई महीने में होने वाली कुल औसत बारिश का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा महज पिछले चार दिनों के भीतर ही दर्ज किया जा चुका है। तेज हवाओं ने तबाही को और बढ़ा दिया। रविवार को जहाँ हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा थी, वह सोमवार को बढ़कर 50-70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिसके कारण मुंबई में लगभग 350 पेड़ उखड़ गए और करीब 450 पेड़ों की शाखाएं टूट गईं। अधिकारियों ने लोगों से बेहद जरूरी न होने पर यात्रा न करने की सख्त अपील की है, विशेषकर पालघर और वसई-विरार जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
बारिश का सबसे बुरा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। गुजरात की तरफ से आने वाली कई ट्रेनों को बीच में ही रोकना पड़ा और यात्रियों को बसों के जरिए भेजा गया। कर्जत-लोनावाला रेल खंड में भारी भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे मार्ग पूरी तरह ठप हो गया, वहीं कर्जत और खोपोली के बीच रेलवे ट्रैक के नीचे से गिट्टी बह जाने से सेंट्रल रेलवे की सेवाएं बंद करनी पड़ीं। पश्चिमी रेलवे की भी 40 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुईं, जिनमें से 10 को रद्द करना पड़ा।
सड़क मार्ग पर भी संकट कम नहीं है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे कनेक्टिंग लिंक के पास हुए भूस्खलन के कारण सड़क पर लगभग 100 टन मलबा आ गिरा, जिसे हटाने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है। इसके अलावा, मुंबई-गोवा राजमार्ग पर भी आठ अलग-अलग जगहों से भूस्खलन की खबरें आई हैं। हवाई यातायात की बात करें तो खराब दृश्यता और जलजमाव के कारण मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और नवी मुंबई हवाई अड्डे से कुल 24 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 5 विमानों के रूट को अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों की तरफ मोड़ दिया गया। महानगरपालिका के आंकड़ों के अनुसार, उपनगरों में 160 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे पूरा शहर पानी-पानी नजर आ रहा है।
गुजरात में आफत: कई शहर बने दरिया, सूरत में स्कूल बंद
गुजरात में मॉनसून की मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। वडोदरा, सूरत, वापी और नवसारी समेत कई शहरों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। सड़कों के जलमग्न होने, घरों-दुकानों में पानी घुसने और पेड़ गिरने की घटनाओं के बीच प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सुरक्षा के मद्देनजर सूरत में आज स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया है।
दक्षिण गुजरात सबसे प्रभावित क्षेत्र है, यहाँ मानसून सबसे ज्यादा आक्रामक है। पिछले 14 घंटों में सूरत के कामरेज तालुका में सबसे अधिक 154 मिमी, सूरत शहर में 122 मिमी, वलसाड के पारडी में 115 मिमी और वापी में 111 मिमी बारिश दर्ज की गई है। भारी जलभराव के कारण सूरत-नवसारी रोड पूरी तरह ब्लॉक हो गया है। सौराष्ट्र और कच्छ: इन क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, भावनगर और अमरेली जैसे तटीय जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। पूरे क्षेत्र में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। उत्तर और मध्य गुजरात के वडोदरा शहर में लगातार बारिश से रावपुरा, नागरवाड़ा और मांडवी जैसे कई पॉश और रिहाइशी इलाके घुटनों तक पानी में डूब गए हैं। पाटन के राधनपुर में 107 मिमी और महिसागर के खानपुर में 98 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिससे इन जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं।
अगले 24 से 48 घंटों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, सूरत, तापी, डांग, नवसारी, वलसाड, दादरा और नगर हवेली, दमन और भरूच में आज भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अगले दिन यानी बुधवार को भी डांग, नवसारी और वलसाड समेत दक्षिण गुजरात के जिलों में आसमानी आफत से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

