जकार्ता । भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनके और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी गहरी प्रशंसा व्यक्त की है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नई गर्मजोशी आई है। जकार्ता में आयोजित एक कार्यक्रम में, राष्ट्रपति सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में कहा कि वह भारत की राजनीति में नहीं पड़ना चाहते, लेकिन वह नरेंद्र मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों और सहकर्मियों को भी इस बात का गवाह बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने मंच के सामने उपस्थित होकर हाथ जोड़कर इस अभिवादन का जवाब दिया।
इंडोनेशियाई राष्ट्रपति ने अपने देशवासियों से भारत के अनुभवों से सीखने का आह्वान किया, क्योंकि उनके अनुसार भारत ने इंडोनेशिया की सभ्यता और संस्कृति को काफी प्रभावित किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी भाषा का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा संस्कृत से आया है और उनके कई नाम भी संस्कृत मूल के हैं, जो दोनों देशों के बीच एक विशेष निकटता का संकेत देता है। उन्होंने 2025 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने को अपने लिए सम्मान की बात बताया, यह पदभार संभालने के केवल तीन महीने बाद की बात थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति की भारतीय डीएनए संबंधी टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि आपके इस बयान ने भारतवासियों का दिल छू लिया है। यह डीएनए आपसी विश्वास, साझा विरासत और साझा स्मृतियों से बना है। प्रधानमंत्री मोदी की यह तीन देशों की यात्रा का पहला पड़ाव है, जिसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जाएंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर के साथ हुई, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल के मामले में भारत को एक बड़ी डील भी मिली है, जो रक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
डीएनए में भी भारतीय अंश
राष्ट्रपति सुबियांतो ने अपने संबोधन में एक दिलचस्प दावा भी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उनके भीतर भारतीय डीएनए है। उन्होंने बताया कि अपनी भारत यात्रा से ठीक पहले उन्होंने जीनोम अनुक्रमण परीक्षण कराया था, जिसमें भारतीय डीएनए के अंश पाए गए। हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा कि शायद यही कारण है कि उन्हें भारतीय संगीत सुनते ही उनके पैर अपने आप थिरकने लगते हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उनके मंत्री और जनरल भी नाचने-गाने के शौकीन हैं और शायद उनमें से ज्यादातर के डीएनए में भी भारतीय अंश हो।

