होर्मुज में भारत आ रहे एलएनजी टैंकर पर ड्रोन हमला, इंजन रूम में आग

अंतरराष्ट्रीय

तेहरान । स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हाल के दिनों में बढ़ती अस्थिरता का एक और संकेत देते हुए, भारत आ रहे एक एलएनजी टैंकर पर संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ है, जिससे जहाज के इंजन रूम में भीषण आग लग गई। यह घटना कतर के रास लफ्फान बंदरगाह से गुजरात के दहेज की ओर जा रहे एलएनजीसी अल रेकय्यात नामक विशाल जहाज पर हुई। स्थानीय मीडिया के अनुसार, हमला 7 जुलाई को अरब सागर और ओमान की खाड़ी के मिलन बिंदु के पास ट्रांजिट करते समय हुआ। इस हवाई हमले के कारण जहाज को काफी नुकसान पहुंचा है, क्योंकि मिसाइल या ड्रोन के टकराने के तुरंत बाद इंजन रूम से भारी धुआं निकलने लगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने या तेल रिसाव की कोई खबर नहीं है।
ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, यह हमला ओमान के तट के पास हुआ, जब प्रोजेक्टाइल जहाज के बाईं तरफ से आकर टकराया। उस समय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को छोड़कर ओमान की खाड़ी में प्रवेश कर रहा था। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच यह जलमार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है। इस क्षेत्र में जहाजों पर बढ़ते हमलों ने वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गहरी चिंता पैदा कर दी है। ईरान और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण संबंधों के चलते इस क्षेत्र में जहाजों को निशाना बनाने की घटनाएं अक्सर देखी जाती हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए गंभीर खतरे उत्पन्न होते हैं। यह ताजा हमला भी इसी कड़ी का हिस्सा प्रतीत होता है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करता है।
चालक दल के 29 सदस्य सवार थे
जहाज पर कुल 29 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से चार भारतीय नाविक हैं। सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस भयावह घटना के बावजूद सभी क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं। महानिदेशक संचार को रिक्रूटमेंट एंड प्लेसमेंट सर्विस लाइसेंस द्वारा इस घटना की रिपोर्ट दी गई है। जहाज अपनी यात्रा जारी रखे हुए है और दहेज बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है। यह हमला कुछ ही घंटों के भीतर इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर हुआ तीसरा हमला था। ब्रिटिश नौसेना की एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी इस घटना की पुष्टि की है, जिसमें बताया गया कि जहाज एक अज्ञात ड्रोन का शिकार हुआ, लेकिन वह अपनी यात्रा जारी रखने में सक्षम रहा।