राम मंदिर दान चोरी: तीन आरोपी पुलिस रिमांड पर, खुलेंगे कई राज

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अयोध्या । राम मंदिर में दान चोरी के मामले में पुलिस को तीन आरोपियों की कस्टडी रिमांड मिल गई है, जिससे इस प्रकरण से जुड़े कई नए राज खुलने की उम्मीद है। अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पाण्डेय नामक इन तीनों आरोपियों को मंगलवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की अदालत ने 40 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा है। पुलिस ने अदालत से सात दिनों की रिमांड मांगी थी, यह दलील देते हुए कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं और उनसे मिली जानकारियों के आधार पर नए साक्ष्यों एवं अन्य वस्तुओं की बरामदगी आवश्यक है। पुलिस अब इन आरोपियों से रुपयों को कहां-कहां खपाया गया, कैसे चुराया गया और कहां छिपाया गया, इन सभी पहलुओं पर गहन पूछताछ करेगी।
यह मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट और निर्देशों के आधार पर ही दान चोरी के मामले में आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले, अदालत के निर्देश पर पुलिस ने इन आरोपियों से बारी-बारी से जेल में भी पूछताछ की थी। एक आरोपी अविनाश शुक्ला को रिमांड पर लेकर एक कार समेत कई बरामदगी भी की जा चुकी है। अब तीन अन्य प्रमुख आरोपियों की रिमांड मिलने से जांच में और तेजी आने की उम्मीद है। मामले के विवेचक एवं सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने अदालत में मौजूद रहकर पुलिस की दलीलों को मजबूती से पेश किया, जबकि आरोपियों की ओर से नियुक्त डिफेंस काउंसिल कुलशेखर सिंह ने रिमांड अर्जी का विरोध किया। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस की मांग को स्वीकार करते हुए लगभग 40 घंटे की कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली। बुधवार सुबह तीनों आरोपियों को जेल से पुलिस ने रिमांड पर ले लिया। तीन दिन पहले, 5 जुलाई को, पुलिस ने अदालत की अनुमति से जेल में भी तीनों आरोपियों से करीब पांच घंटे तक गहन पूछताछ की थी। उस दौरान आरोपियों के मोबाइल चैट की जांच में कई नई जानकारियां सामने आईं, जिनका मौके पर ही सत्यापन भी कराया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों से अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की थी। अब कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों की निशानदेही पर नए साक्ष्यों, डिजिटल सबूतों और अन्य संभावित बरामदगी की कार्रवाई करेगी। माना जा रहा है कि इस पूछताछ से राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के कई अहम पहलुओं से पर्दा उठ सकता है और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों व नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।