मंत्रिपरिषद ने 2300 करोड़ के विकास कार्यों सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को दी मंजूरी

मध्य प्रदेश

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में अधोसंरचना विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और पुनर्वास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास एवं पुनर्वास कार्यों के लिए 2,300 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने के लिए 495 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। वहीं, 65 नगरीय निकायों में नगरीय वन विकसित करने के लिए नमो हरित नगर योजना को 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की मध्यप्रदेश उपार्जित गेहूं, चना, ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति-2026 को भी मंजूरी दी गई।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव पर राज्य डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, आईटी अवसंरचना और डिजास्टर रिकवरी क्षमता विस्तार के लिए 800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अलावा विज्ञान पार्क, एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बायोटेक्नोलॉजी पार्क के संचालन की निरंतरता के लिए 123 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2023 में संशोधन प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
मंत्रिपरिषद ने पन्ना जिले की केन-बेतवा लिंक, रूंज और मझगांव सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 202.50 करोड़ रुपये अतिरिक्त स्वीकृत किए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राजपत्रित सेवा भर्ती नियम-2022 के तहत भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी दी गई। साथ ही कमजोर वर्गों को प्रभावी विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लीगल एंड डिफेंस काउंसिल सिस्टम योजना की निरंतरता हेतु 42 करोड़ रुपये तथा शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 543 करोड़ रुपये की भी स्वीकृति प्रदान की गई।