विजय सरकार का फैसला, सभी सरकारी ऑफिसों में लगेंगे भ्रष्टाचार विरोधी बोर्ड

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-बोर्ड पर स्पष्ट लिखा होगा- रिश्वत देना और रिश्वत लेना दंडनीय अपराध है
चेन्नई । तमिलनाडु सरकार ने सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक नया अभियान शुरू किया है। इसके तहत राज्य के सभी सरकारी विभागों, जिला प्रशासन, स्थानीय निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को ऐसे भ्रष्टाचार विरोधी सूचना बोर्ड प्रमुख स्थानों पर लगाने का निर्देश दिया है, जिन पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि रिश्वत देना और रिश्वत लेना दंडनीय अपराध है। यह निर्देश मुख्य सचिव द्वारा हस्ताक्षरित आदेश के जरिए जारी किया गया।
आदेश के मुताबिक प्रत्येक सरकारी कार्यालय में तमिल और अंग्रेजी भाषा में द्विभाषी सूचना बोर्ड ऐसे स्थानों पर लगाए जाएंगे, जहां आम जनता उन्हें आसानी से देख सके। विजय सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे यही भ्रष्टाचार विरोधी संदेश अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर भी प्रकाशित करें। इसके साथ ही वेबसाइट पर सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय के पोर्टल का सीधा लिंक भी उपलब्ध कराया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी आदेश में कहा गया है कि 2006 से इस संबंध में कई बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद अनेक कार्यालयों ने इनका पूरी तरह पालन नहीं किया गया। कई जगहों पर भ्रष्टाचार विरोधी बोर्ड लगाए ही नहीं गए, जबकि कुछ कार्यालयों में इन्हें ऐसी जगह लगाया है जहां आने वाले लोगों की नजर नहीं पड़ती थी। सरकार का कहना है कि नया आदेश राज्य के सभी सरकारी प्रतिष्ठानों में इस व्यवस्था को एक समान तरीके से लागू करने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
इन सूचना बोर्डों पर रिश्वत देना और रिश्वत लेना अपराध है संदेश के अलावा सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय का पता, टेलीफोन नंबर, व्हाट्सएप नंबर, फैक्स नंबर और आधिकारिक ईमेल आईडी भी प्रदर्शित की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इन जानकारियों तक लोगों की आसान पहुंच होने से वे भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की शिकायत बिना किसी कठिनाई के दर्ज करा सकेंगे। सभी विभागों को अपने प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले वैधानिक बोर्डों, निगमों, स्थानीय निकायों, सरकारी कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को भी इसी प्रकार के निर्देश जारी करने को कहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इन आदेशों को बिना किसी देरी के लागू करना सुनिश्चित करें।
इसके अलावा सरकार ने विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सभी कार्यालयों में आदेशों के पालन की पुष्टि करने के बाद मानव संसाधन प्रबंधन विभाग को अनुपालन रिपोर्ट पेश करें। यह नई पहल राज्य सरकार द्वारा हाल ही में शुरू की गई सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय की समर्पित व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9498180936 शुरू किए जाने के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है। इस हेल्पलाइन का उद्देश्य नागरिकों को भ्रष्टाचार की शिकायतें तेजी से दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराना और सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत बनाना है।