एहतियातन संसद के प्रवेश द्वार किए गए बंद, सुरक्षा बढ़ाई
-धारा 163 लागू, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
-शाह से मिले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
नई दिल्ली । नीट पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर निकला संसद मार्च सोमवार को लाठीचार्ज के बावजूद प्रदर्शनकारी विजय चौक और रेल भवन तक पहुंच गए, जिससे तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बनने के बाद संसद भवन की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। एहतियातन संसद के कुछ प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। इसी बीच खबर है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से शिक्षा मंत्री प्रधान प्रधान ने मुलाकात की है।
हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों के संसद परिसर के निकट पहुंचने से सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं। साउथ गेट सहित संसद की दो प्रमुख एंट्रियां अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं। वहीं, रेल भवन और ट्रांसपोर्ट भवन के आसपास पुलिस ने टियर गैस के गोले छोड़े और लगातार सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से प्रदर्शनकारियों को पीछे हटने की चेतावनी दी। विजय चौक, रायसीना रोड और संसद मार्ग पर सीआरपीएफ, अर्धसैनिक बलों और संसद सुरक्षा बल की भारी तैनाती की गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पूरे संसद परिसर को सुरक्षा की दृष्टि से अभेद्य घेरा प्रदान किया गया।
जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विभिन्न मेट्रो स्टेशनों से निकलकर पैदल रेल भवन की ओर बढ़े। आमतौर पर विरोध प्रदर्शन रायसीना रोड तक सीमित रहते हैं, लेकिन इस बार प्रदर्शनकारी संसद के मुख्य प्रवेश द्वार से कुछ सौ मीटर की दूरी तक पहुंच गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस, एंटी-रायट टीम और सीआरपीएफ को करीब डेढ़ घंटे तक लगातार प्रयास करना पड़ा, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया। इस बीच, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने लगभग ढाई दिन बाद अपना अनशन तोड़ दिया।
अमित शाह से मिले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च के दौरान सोमवार को राजधानी दिल्ली में तनाव और बढ़ गया। प्रदर्शनकारी संसद भवन के निकट पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। हालांकि बैठक के विषय में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
सपा बोली सांसदों को हिरासत में लिया गया
उधर, समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि छात्र प्रदर्शन के समर्थन में संसद परिसर में मार्च निकाल रहे उसके कई सांसदों को हिरासत में लिया गया। पार्टी के अनुसार हिरासत में लिए गए नेताओं में सांसद डिंपल यादव भी शामिल हैं। सपा ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
संसद सत्र के चलते धारा 163 लागू
उधर, नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि संसद के मानसून सत्र और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा। केवल जंतर-मंतर पर पूर्व अनुमति के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति होगी। दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 सहित अन्य प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की गई है।

