गटर जनरेशन कहकर फंसी कंगना! 21 को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

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नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत अपनी विवादित बयानों के चलते एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिरती नजर आ रही हैं। प्रदर्शनकारियों और जेन जेड के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में उत्तर प्रदेश के आगरा की एक विशेष अदालत ने उनके खिलाफ दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। यह याचिका जंतर-मंतर पर प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों, उनके माता-पिता और युवाओं पर की गई टिप्पणियों के संबंध में दाखिल की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सुनवाई के लिए 21 अगस्त की तारीख मुकर्रर की है, जिस दिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी।
अदालत में याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने जानकारी दी कि सांसद कंगना रनौत के खिलाफ एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में वाद दायर किया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि जब छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तब अभिनेत्री ने उन्हें गटर जनरेशन या गटर छाप करार दिया और उनके माता-पिता के खिलाफ भी अपमानजनक बातें कहीं। वकील ने इसे देश के युवाओं और छात्रों का सीधा अपमान बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सुनवाई के लिए 21 अगस्त की तारीख मुकर्रर की है, जिस दिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। याचिकाकर्ता ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि स्थानीय अदालत से इस मामले में राहत नहीं मिलती है, तो वह इस कानूनी लड़ाई को उच्च न्यायालय और जरूरत पड़ने पर देश के उच्चतम न्यायालय तक लेकर जाएंगे।
विवाद की शुरुआत उस दौरान हुई थी जब कंगना रनौत ने एक सेल्फी वीडियो जारी कर प्रदर्शनकारियों के व्यवहार पर तीखा हमला बोला था। मंडी से सांसद रनौत ने युवाओं और जेन जेड के एक वर्ग के सोशल मीडिया रील्स और प्रदर्शन के तरीकों पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया था कि इन्हें कौन पाल-पोस रहा है। उन्होंने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि कुछ लोगों के अश्लील और अनैतिक व्यवहार को सामान्य नहीं माना जा सकता, क्योंकि समाज में इस तरह के आचरण को स्वीकार नहीं किया जा सकता। बहरहाल, अदालत द्वारा याचिका स्वीकार किए जाने के बाद अब इस मामले में आगामी सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।