कावेरी जल के लिए दो राज्यों में जंग, आज कर्नाटक बंद

ताज़ा खबर देश-विदेश

किसान और कन्नड़ संगठन लामबंद
बेंगलुरु । कावेरी नदी के पानी को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद फिर गहरा गया है। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने के आदेश के विरोध में कर्नाटक में किसान और कन्नड़ संगठन लामबंद हो गए हैं। विरोध में गुरुवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कर्नाटक बंद का आह्वान किया गया है।कन्नड़ चलावली वटल पक्ष के संयोजक वटल नागराज के नेतृत्व में कई कन्नड़ और किसान संगठनों ने बंद को समर्थन दिया है। आयोजकों का दावा है कि बेलगावी से चामराजनगर और मंगलुरु से कोलार तक 2,000 से अधिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया है। प्रदर्शनकारियों ने कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा पर आवाजाही बाधित करने की चेतावनी भी दी है। छात्रों के भी आंदोलन में समर्थन देने की बात कही गई है।
बंद के चलते सार्वजनिक परिवहन, टैक्सी, ऑटो रिक्शा, होटल, दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित हो सकते हैं। बेंगलुरु में प्रदर्शन और सड़क जाम की वजह से यातायात पर खासा असर पड़ने की आशंका है। हालांकि निजी कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहने की संभावना है। अस्पताल, मेडिकल स्टोर और बैंक जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है।
स्कूलों को बंद के दायरे में शामिल नहीं किया गया है। कर्नाटक एसोसिएटेड मैनेजमेंट ऑफ स्कूल्स ने बंद से अपना समर्थन वापस ले लिया है। हालांकि संगठन के महासचिव डी. शशिकुमार के मुताबिक, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी विरोध के प्रतीक के तौर पर काली पट्टी या काला रिबन पहन सकते हैं।
रोजाना 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश
सीडब्ल्यूएमए ने कावेरी जल विनियमन समिति की सिफारिश के आधार पर कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए रोजाना 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया है। यह आदेश बुधवार से लागू होना है। कर्नाटक में इसका विरोध इसलिए हो रहा है क्योंकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य खुद जल संकट से जूझ रहा है। किसानों का दावा है कि पानी छोड़े जाने से राज्य की जल सुरक्षा और उनके हित प्रभावित होंगे। उन्होंने सरकार से आदेश लागू नहीं करने और किसी भी परिस्थिति में तमिलनाडु के लिए पानी नहीं छोड़ने की मांग की है।