:: आवेदकों की परेशानी दूर करने नई व्यवस्था, मौके पर निराकरण और लंबित मामलों में समय-सीमा तय ::
इंदौर । कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में आने वाले नागरिकों के लिए जिला प्रशासन ने एक नई सुविधा शुरू की है। अब जिन आवेदकों को अपनी समस्या का आवेदन लिखने में कठिनाई होती है, उन्हें कलेक्ट्रेट में ही आवेदन लेखन की सुविधा मिलेगी। इससे नागरिक अपनी शिकायत या मांग व्यवस्थित रूप से संबंधित अधिकारी के समक्ष रख सकेंगे।
मंगलवार को हुई जनसुनवाई में कलेक्टर शिवम वर्मा ने आवेदकों की समस्याएं सुनीं। मौके पर निराकरण योग्य प्रकरणों का तत्काल समाधान कराया गया, जबकि जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव नहीं थी, उनके लिए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा तय कर निराकरण के निर्देश दिए गए।
:: आवेदन लेखन व्यवस्था का निरीक्षण ::
कलेक्टर शिवम वर्मा ने जनसुनवाई स्थल पर संचालित आवेदन लेखन व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने आवेदन तैयार करने की प्रक्रिया देखी और वहां मौजूद आवेदकों से चर्चा कर उन्हें मिल रही सुविधा की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने आवेदकों की समस्याएं और सुझाव भी सुने।
प्रशासन के अनुसार, कई नागरिकों को शासकीय कार्यालयों में प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदन का प्रारूप तैयार करने में परेशानी होती है। नई व्यवस्था से ऐसे आवेदकों को अपनी समस्या स्पष्ट और व्यवस्थित ढंग से लिखकर प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदन लेखन के साथ आवेदकों को आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने तथा नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने देने पर जोर दिया।
जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु प्रजापति, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार एवं रिंकेश वैश्य, अपर आयुक्त नगर निगम शृंगार श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों ने भी आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में पारिवारिक एवं संपत्ति विवाद, भूखंड आवंटन और आपसी विवाद से जुड़े प्रकरण प्रमुख रूप से सामने आए।

