:: सिवनी-बालाघाट फोरलेन के लिए 3,960 करोड़; 22 प्रमुख सड़कें एमपीआरडीसी को | 19 सामाजिक योजनाओं के लिए 1,740 करोड़ ::
भोपाल/इंदौर । मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सड़क, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े 10,630 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी। एमपीआरडीसी को 12 सड़क परियोजनाओं के लिए नाबार्ड से 4,600 करोड़ रुपये का ऋण लेने की शासकीय गारंटी, सिवनी-बालाघाट मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए 3,960 करोड़ रुपये तथा गरीब और कमजोर वर्गों की 19 योजनाओं के लिए 1,740 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
कैबिनेट ने प्रदेश की 22 प्रमुख सड़कों का स्वामित्व नाममात्र मूल्य पर एमपीआरडीसी को हस्तांतरित करने का भी निर्णय लिया। इन मार्गों से मिलने वाले टोल और अन्य आय से निगम ऋण और ब्याज की अदायगी करेगा।
:: 12 सड़क परियोजनाओं के लिए 4,600 करोड़ की गारंटी ::
एमपीआरडीसी को नाबार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस के तहत 4,600 करोड़ रुपये का ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी मंजूर की गई। राशि का उपयोग भोपाल-विदिशा, खलघाट-मनावर-मांगोद, मंदसौर-सीतामऊ, सीतामऊ-बसई-सुवासरा, पूर्वी भोपाल बायपास, नीमच-मनासा-रामपुरा-झालावाड़, इंदौर-देपालपुर, चापड़ा-नेवरी-देवास, दिनारा-दतिया-सेवढ़ा, आगर-सारंगपुर, सोयत-माचलपुर-जीरापुर और राहतगढ़-खुरई-खिमलासा मार्गों के निर्माण या उन्नयन में किया जाएगा।
:: 22 प्रमुख सड़कें एमपीआरडीसी को ::
राज्य की 22 प्रमुख सड़कों का स्वामित्व एमपीआरडीसी को हस्तांतरित किया जाएगा। इसके बदले निगम का संचालक मंडल राज्य सरकार के पक्ष में अंश पूंजी जारी करेगा। हस्तांतरित मार्गों से प्राप्त टोल और अन्य स्रोतों की आय निगम की मानी जाएगी तथा इससे ऋण और ब्याज का भुगतान किया जाएगा।
स्वीकृत ऋण सीमा में मार्गों में बदलाव अथवा नए मार्गों के चयन का अधिकार निगम के संचालक मंडल को रहेगा। परियोजना में राशि का आहरण आवश्यकता के अनुसार ‘जस्ट इन टाइम’ सिद्धांत पर किया जाएगा।
:: सिवनी-बालाघाट फोरलेन के लिए 3,960 करोड़ ::
91.64 किलोमीटर लंबे सिवनी-बालाघाट मार्ग को पेव्ड शोल्डर सहित फोरलेन बनाने के लिए 3,960 करोड़ नौ लाख रुपये मंजूर किए गए। इसमें परियोजना एवं वित्तीय लागत के लिए 3,458 करोड़ 93 लाख और भू-अर्जन, निर्माण पूर्व कार्य तथा सुपरविजन के लिए 501 करोड़ 16 लाख रुपये शामिल हैं।
परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर होगी। निर्माण लागत की 40 प्रतिशत यानी 704 करोड़ 38 लाख रुपये राज्य बजट से दी जाएगी, जबकि शेष 60 प्रतिशत यानी 2,253 करोड़ 39 लाख रुपये 15 वर्ष की संचालन अवधि में छमाही एन्युटी के रूप में व्यय किए जाएंगे।
सरकार के अनुसार, सिवनी-बालाघाट मार्ग के उन्नयन से क्षेत्र में खनिज एवं वन उत्पादों की आवाजाही, कृषि और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा करीब 8 से 10 लाख लोगों को बेहतर संपर्क मिलेगा।
:: 19 सामाजिक योजनाओं के लिए 1,740 करोड़ ::
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की 19 योजनाओं के 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1,740 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इनमें गरीब, कमजोर, निराश्रित और वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, नशा पीड़ितों तथा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
पेंशन, राष्ट्रीय परिवार सहायता, कन्या विवाह एवं निकाह सहायता, दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता, कृत्रिम अंग एवं उपकरण वितरण, आईटीआई प्रशिक्षण, वरिष्ठ नागरिक कल्याण और नशामुक्ति कार्यक्रम इनमें प्रमुख हैं।
:: धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय में 244 पद ::
उज्जैन स्थित मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 244 पद/व्यक्तियों की स्वीकृति दी गई। इनमें 154 नियमित, एक संविदा और 89 आउटसोर्स पद शामिल हैं।
विश्वविद्यालय से इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के 31 जिलों के स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षण संस्थानों की संबद्धता, निरीक्षण, परीक्षा और अन्य विश्वविद्यालयीन सेवाओं के लिए पृथक प्रशासनिक व्यवस्था विकसित होगी।
:: साइबर सुरक्षा के लिए 80 करोड़ ::
एमपी-सीईआरटी योजना के तहत साइबर सुरक्षा घटनाओं के प्रभावी प्रबंधन और महत्वपूर्ण सरकारी सूचना अवसंरचना की सुरक्षा के लिए 2026-27 से 2030-31 तक 80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। प्रशासनिक, तकनीकी, इन्सिडेंट रिस्पॉन्स, फॉरेंसिक और एसओसी कार्यों के लिए 25 नए पद भी स्वीकृत किए गए।
इसके अलावा हर वर्ष 10 इंजीनियरिंग स्नातकों को एक वर्ष के प्रशिक्षण के लिए 25 हजार रुपये प्रतिमाह प्रशिक्षण भत्ता दिया जाएगा।
:: भूमि क्रय नीति में संशोधन ::
कैबिनेट ने आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति, 2014 में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र की निजी कृषि भूमि के लिए कलेक्टर की गाइडलाइन दर से संगणित मूल्य की दोगुनी राशि पुनर्वास अनुदान के रूप में देने का प्रावधान किया गया है।
सरकार के अनुसार, इससे सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए भूमि आपसी सहमति से हासिल करने में तेजी आएगी तथा भू-अर्जन में लगने वाले समय और लागत में कमी आएगी।
:: मध्यप्रदेश भवन के लिए 250.67 करोड़ ::
नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन, आवासीय आयुक्त कार्यालय और संबंधित कार्यालयों के संचालन एवं उन्नयन के लिए 250 करोड़ 67 लाख रुपये मंजूर किए गए। इसमें प्रस्तावित मध्यांचल भवन के विस्तार निर्माण के लिए 44.58 करोड़ रुपये शामिल हैं।
:: ईओडब्ल्यू को भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई का अधिकार ::
कैबिनेट ने भारतीय दंड संहिता, 1860 से भारतीय न्याय संहिता, 2023 में परिवर्तित धाराओं के तहत कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू), मध्यप्रदेश को अधिकृत करने संबंधी गृह विभाग की अधिसूचना में संशोधन को मंजूरी दी।
:: दृष्टिबाधित क्रिकेट खिलाड़ियों को 78 लाख ::
महिला टी-20 विश्व कप क्रिकेट 2025 (ब्लाइंड) में स्वर्ण पदक जीतने वाली मध्यप्रदेश की तीन खिलाड़ियों और उनके तीन प्रशिक्षकों को दी गई 78 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि की कार्योत्तर प्रतिपूर्ति को मंजूरी दी गई।
नर्मदापुरम की सुनीता सराठे, बैतूल की दुर्गा येबले और दमोह की सुषमा पटेल को 25-25 लाख रुपये तथा प्रशिक्षकों सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रुपये दिए गए हैं। खिलाड़ियों की राशि में 10-10 लाख रुपये नकद और 15-15 लाख रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल हैं।

