:: मुख्यमंत्री बोले- समय पर लाभ देना सरकार की जिम्मेदारी, देरी से लिया फैसला भी अन्याय के समान; मंत्रालय कर्मचारियों ने किया अभिनंदन ::
भोपाल/इंदौर । मध्यप्रदेश में शासकीय कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया अब नियमित रूप से हर साल होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस वर्ष सभी विभागों में पदोन्नति के लिए डीपीसी शुरू की जाएगी और पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पदोन्नति सहित सभी पात्र लाभ समय पर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को मंत्रालय परिसर में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कर्मचारी हित में लिए गए निर्णयों के लिए मंत्रालयीन अधिकारियों-कर्मचारियों ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी जागृति पटेल और विक्रम अवॉर्ड विजेता अंजली वर्मा को भी सम्मानित किया।
:: देरी से लिया निर्णय भी अन्याय के समान ::
मुख्यमंत्री ने कहा कि पदोन्नति मिलने के बाद कर्मचारियों के चेहरों पर प्रसन्नता दिखाई देती है। इससे कर्मचारी और उनके परिवार में खुशी के साथ काम के प्रति नई ऊर्जा आती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास और जनकल्याण में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार कर्मचारियों को समय पर सभी लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि देरी से लिया गया निर्णय भी अन्याय के समान होता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित और उनकी पदोन्नति के साथ भावनात्मक जुड़ाव रखते हुए निर्णय लिए हैं। कर्मचारियों के उत्साहवर्धन के लिए वेतन, भत्ते और पदोन्नति से जुड़े विषयों पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है।
:: 1.25 लाख से अधिक कर्मचारियों की पदोन्नति का दावा ::
कार्यक्रम संयोजक सुभाष वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में कर्मचारी हित में कई निर्णय हुए हैं। उनके अनुसार वर्ष 2013 से लंबित भत्तों का भुगतान किया गया और 2026 में प्रदेश के 1.25 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति हुई।
विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के वेतन-भत्तों के साथ उनके आवास सहित अन्य जरूरतों पर भी ध्यान दे रही है। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

