पीएम मोदी एससीओ समिट में करेंगे पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता

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जिनपिंग से भी होगी मुलाकात, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान का दौरा
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। सरकार ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री के मध्य एशिया दौरे की जानकारी देते हुए बताया कि मोदी शनिवार से उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की यात्रा पर जाएंगे। एससीओ शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक बिश्केक में आयोजित किया जाएगा।
बिश्केक में प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी मुलाकात प्रस्तावित है। दोनों नेताओं की यह बैठक ऐसे समय में होगी, जब सितंबर में भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होना है। 12-13 सितंबर को होने वाले इस सम्मेलन में भारत शी जिनपिंग की मेजबानी करेगा। एससीओ सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री की अन्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम भी तैयार किया जा रहा है।
दिसंबर के बाद पुतिन से पहली द्विपक्षीय मुलाकात
पुतिन के दिसंबर 2025 में एससीओ/द्विपक्षीय कार्यक्रम के लिए भारत दौरे के बाद मोदी और रूसी राष्ट्रपति के बीच यह पहली द्विपक्षीय बैठक होगी। इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसी सप्ताह मॉस्को का दौरा किया था। उन्होंने भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक में हिस्सा लेने के साथ राष्ट्रपति पुतिन से भी मुलाकात की थी। जयशंकर और पुतिन की बातचीत में व्यापार एवं निवेश, ऊर्जा और परमाणु सहयोग समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई थी। पुतिन ने भारत को उर्वरकों की निरंतर आपूर्ति का भरोसा भी दिलाया था। उन्होंने कहा था कि रूस भारतीय किसानों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। जयशंकर ने बातचीत के दौरान पुतिन को बताया था कि प्रधानमंत्री मोदी सितंबर में BRICS शिखर सम्मेलन के लिए उनकी मेजबानी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
एससीओ में आतंकवाद पर भारत का जोर
इस वर्ष एससीओ की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ भी है। भारत 2017 से संगठन का पूर्ण सदस्य है, जबकि पाकिस्तान भी एससीओ का सदस्य है। ऐसे में शिखर सम्मेलन के दौरान भारत आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद से मुकाबले का मुद्दा प्रमुखता से उठा सकता है। विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर को भारत की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित करेंगे। सम्मेलन से इतर वे एससीओ के सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। किर्गिस्तान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी छठे वर्ल्ड नोमाड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। यह आयोजन मध्य एशिया की पारंपरिक संस्कृति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।