मणिपुर में ताजा झड़पों में अब तक 9 की मौत, सीएम ने की हत्या व हिंसा की निंदा

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सबसे ज्यादा प्रभावित कांगपोकपी और कामजोंग जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे
इम्फाल । मणिपुर के हिंसा प्रभावित पहाड़ी जिलों में रविवार को भी तनाव बना रहा और दो समुदायों के बीच ताजा झड़पों में मरने वालों की संख्या अब 9 हो गई है। इस बीच सीएम वाई खेमचंद सिंह ने शांति और संयम बनाए रखने की अपील की और अधिकारियों से स्थिति को नियंत्रण में लाने को कहा। बता दें शुक्रवार-शनिवार को कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी जिलों में हिंसा की ताजा घटनाओं में कई लोगों की मौत की खबरें सामने आईं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीएम ने पोस्ट में कहा कि मैं निर्दोष नागरिकों की हत्या और हिंसा की निंदा करता हूं। मैंने संबंधित अधिकारियों को शांति और कानून-व्यवस्था बहाल करने तथा सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सभी समुदायों से स्थिति को शांत करने के लिए संयम बरतने और शांति, संवाद तथा सद्भाव को प्राथमिकता देने की भी अपील की। सबसे ज्यादा प्रभावित कांगपोकपी और कामजोंग जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को संदिग्ध उग्रवादी कामजोंग जिले में भारत-म्यांमा सीमा के पास तंगखुल नगा समुदाय की बस्ती निंगचौ गांव में भी घुस गए और गोलीबारी की। इस घटना में नगाचांसो निंगशेन और लेइशिशान लेइशादांग की मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा बल गांव पहुंचे। स्थानीय लोगों का दावा है कि गोलीबारी करने के बाद हमलावर म्यांमा की ओर भाग गए। उखरुल जिले में शनिवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने चेपू याओलेन गांव के पास एक कार पर गोलीबारी की, जिसमें संदीप राय की मौत हो गई।
कांगपोकपी जिले के मकुई अशांग और तापन में भी सशस्त्र समूहों के बीच भारी गोलीबारी की सूचना है। इस साल फरवरी से कुकी और नगा जनजातीय समुदायों के बीच जारी हिंसा में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और कई मकानों को आग लगा दी गई है। इससे पहले राज्य में इंफाल घाटी में रहने वाले मेइती समुदाय और आसपास की पहाड़ियों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा हुई थी, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे।