महिला किसानों का सम्मान, कम बारिश में चना-सरसों की बोवनी की सलाह

मध्य प्रदेश

:: सांसद शंकर लालवानी बोले- खेती में महिलाओं का योगदान अहम; फसल बीमा पॉलिसी और मिनीकिट बांटे ::
इंदौर । खेती-किसानी और पशुपालन के जरिए परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महिला किसानों की भूमिका अहम है। कृषि क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान देने के लिए गुरुवार को कस्तूरबाग्राम स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में महिला कृषक दिवस पर सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। सांसद शंकर लालवानी ने महिला किसानों का सम्मान करते हुए कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना खेती की कल्पना नहीं की जा सकती। कार्यक्रम में किसानों को फसल बीमा पॉलिसियां और चना-सरसों के मिनीकिट भी वितरित किए गए।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, आत्मा और कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत ‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ अभियान में किसानों को बीमा पॉलिसियां दी गईं। सांसद लालवानी ने कहा कि लखपति दीदी और नमो ड्रोन दीदी जैसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने किसानों से फसल बीमा कराने की अपील भी की।
:: कम बारिश में चना, सरसों और मसूर की बोवनी पर जोर ::
इंदौर संभाग के संयुक्त संचालक कृषि जितेंद्र कुमार सिंह ने कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए किसानों को उपलब्ध पानी के अनुसार फसलों और उनकी किस्मों का चयन करने की सलाह दी। उन्होंने चना, सरसों, मसूर, अलसी और कुसुम की बोवनी को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया, ताकि सीमित जल संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। उन्होंने महिला किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरता सुधारने और परिवार के लिए अनाज व सब्जियों का उत्पादन करने में मदद मिल सकती है।
:: नरवाई जलाने के बजाय मिट्टी में मिलाएं ::
उप संचालक कृषि संदीप यादव ने किसानों से नरवाई नहीं जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नरवाई का उचित प्रबंधन कर उसे मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद मिलती है। किसानों को नरवाई प्रबंधन में उपयोगी उन्नत कृषि यंत्रों की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में महिला किसानों ने खेती और पशुपालन से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इन गतिविधियों से रोजगार के अवसर मिल रहे हैं और वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे रही हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. टेलर ने किसानों को मौजूदा कृषि परिस्थितियों के अनुरूप तकनीकी जानकारी दी।
कार्यक्रम में कृषक प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य शोभाराम चौहान, सहायक संचालक कृषि नम्रता गुरनानी, रश्मि जैन, अंकिता वर्मा, कीर्ति पवार, रेणु, नेहा, भगवती चौहान, विजय जाट, देवी सिंह वर्मा, एसडीओ शोभाराम अस्के, कृषि वैज्ञानिक डॉ. मिश्रा और डॉ. शुक्ला तथा कृषि यंत्री एम.के. भार्गव सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और किसान मौजूद रहे।