इन्दौर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की युगलपीठ को इंदौर-देवास बायपास की बदहाली को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की ओर से बताया गया कि बायपास पर सुधार कार्य किया जा रहा है और गड्ढे भर रहे है। जिसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इसकी सच्चाई के बारे में कोर्ट को बताने का कहते सुनवाई की तारीख 27 अक्टूबर नियत कर दी।
मातृ फाउंडेशन की ओर से एडवोकेट अमय बजाज ने सन् 2021 में यह जनहित याचिका दायर की थी। एडवोकेट बजाज के अनुसार पूर्व सुनवाई दौरान कोर्ट के बताया गया था कि बायपास पर गड्ढों को लेकर कोई काम नहीं किया गया है। इसके चलते एक महिला की मौत हो गई थी। उस दिन एनएचएआइ की ओर से कोई वकील पेश नहीं हुआ था तो कोर्ट ने कल की तारीख देते सुनवाई नियत की थी। कल सुनवाई दौरान एनएचएआइ ने इंदौर-देवास बायपास पर किए जा रहे सुधार कार्यों की तस्वीरें पेश करते हुए कोर्ट को बताया कि गड्ढे भरने का काम लगातार जारी है। खतरनाक गड्ढों को भरा भी गया है। जिसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि वे मौके पर जाकर स्थिति की जानकारी दें।

