सीईसी ज्ञानेश कुमार अब भी कॉकरोच जनता पार्टी के निशाने पर

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नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने प्रदर्शन को जारी रखने का संकेत दिया है, हालांकि अगले कदम की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। पार्टी के प्रमुख नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका को बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) की अदालत ने सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद रिहा कर दिया। उनकी रिहाई ऐसे समय हुई है जब सीजेपी ज्ञानेश कुमार पर लगातार इस्तीफे का दबाव बना रही है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने पहले ही घोषणा की थी कि दास और रांका की रिहाई के बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
सौरभ दास ने लगभग 9 दिनों बाद बुधवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पहली पोस्ट में लिखा, ज्ञानू मस्ट गो, जो ज्ञानेश कुमार के लिए सीजेपी का एक प्रमुख नारा है। अभिजीत दीपके द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में रांका और दास दोनों भारत माता की जय और इंकलाब जिंदाबाद, ज्ञानेश कुमार को जाना होगा के नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। दास और रांका को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानतदार पेश करने की शर्त पर रिहा किया गया है। उन्हें यह हलफनामा भी देना पड़ा है कि वे शांति भंग नहीं करेंगे और जब तक जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए अधिसूचित स्थल घोषित नहीं किया जाता, तब तक वहां किसी भी विरोध-प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। पुलिस ने इससे पहले अदालत से उनकी न्यायिक हिरासत तीन दिन और बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी हिरासत पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की थी कि शुरुआत में दोनों नेता छात्र आंदोलन में शामिल थे, लेकिन अब मुद्दा अलग है और सत्ता परिवर्तन की बात भी सामने आई है। अदालत ने कहा था कि आंदोलन में लोग वही रहते हैं, लेकिन मुद्दे बदल जाते हैं और सत्ता परिवर्तन आमतौर पर मतदान के जरिए ही होता है, जो स्थापित व्यवस्था है। फिलहाल, सीजेपी ने अपने अगले प्रदर्शन या रणनीति को लेकर कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया है। संभावना जताई जा रही है कि रांका और दास के बाहर आने के बाद पार्टी जल्द ही बैठक कर सकती है। इससे पहले, सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में एक बड़े प्रदर्शन और बाद में कनॉट प्लेस के पास सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने की घोषणा की थी, जो विभिन्न कारणों से आयोजित नहीं हो सका था। पार्टी के नेता लगातार सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।