नई दिल्ली । केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि खरगे की टिप्पणी से वह आहत और स्तब्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी को इस तरह की टिप्पणियों से न विचलित कर सकते है और न ही जनसेवा के प्रति उनके संकल्प को कमजोर किया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि टिप्पणी कांग्रेस के किसी सामान्य कार्यकर्ता या युवा नेता ने नहीं, बल्कि देश की सबसे पुरानी पार्टी होने का दावा करने वाली कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की है। उनके अनुसार, खड़गे के बयान से करोड़ों देशवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं।
केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी गलती स्वीकार करने और खेद व्यक्त करने के बजाय खड़गे के बयान को सही ठहराने में लगी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति से सार्वजनिक जीवन में गंभीरता, संयम, मर्यादा और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा होती है। इस तरह की भाषा पद की गरिमा के विपरीत है और कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल खड़े करती है। केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन असहमति को व्यक्तिगत अपमान में बदलना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता पहले प्रधानमंत्री मोदी की पारिवारिक पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाते रहे हैं और उनकी माता के प्रति भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल कई बार किया गया है। अब इस तरह की राजनीति पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि नीतियों पर सवाल उठाना और सत्ताधारी सरकार की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के परिवार को निशाना बनाना कांग्रेस की हताशा और वैचारिक कमजोरी को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी केवल किसी व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति की गरिमा को भी नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता हर बात पर नजर रखती है और समय आने पर अपना जवाब देती है।

