लखनऊ । उत्तरप्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव परिणामों को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा वोट से नहीं, बल्कि खोट से चुनाव जीत रही है, और मतगणना में धांधली व साजिश करके सपा प्रत्याशियों को हराने का प्रयास किया। सपा प्रमुख अखिलेश ने विशेष रूप से गोरखपुर में सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी की हार को मतगणना में धांधली और साजिश का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट भाजपाइयों और संलिप्त अधिकारियों ने एमएलसी चुनाव जीतने की सभी हदें पार कर दीं। डॉ. त्रिपाठी की हार का कारण केवल उनका सपा उम्मीदवार होना नहीं, बल्कि हाता नहीं भाता की सोच है। अखिलेश ने दावा किया कि शिक्षकों से चारा इकट्ठा कराया गया और शिक्षक समाज डॉ. त्रिपाठी के उत्पीड़न और उनके आंसुओं को कभी नहीं भूलेगा।
आधिकारिक परिणामों के अनुसार, भाजपा ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने भी दो महत्वपूर्ण सीटों पर सफलता हासिल की है। वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के लाल बिहारी यादव विजयी रहे। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय शिक्षक समाज और अखिलेश यादव की सकारात्मक सोच को दिया। यादव ने स्पष्ट किया कि इस चुनाव पर यूजीसी बिल का कोई प्रभाव नहीं पड़ा, क्योंकि नौकरी की सुरक्षा चाहने वाले शिक्षक मजबूती से सपा के साथ खड़े रहे। इसी क्रम में, आगरा खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर भी सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने द्वितीय वरीयता के मतों के बाद 50 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल कर जीत दर्ज की। आगरा में मतगणना के दौरान हुए हंगामे और मारपीट पर डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा प्रत्याशी पर विवाद शुरू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि काउंटिंग रूम में लगे सीसीटीवी फुटेज से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।

