नेता बदल जाते है पर व्यवस्था नही बदलती

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सत्ता विरोधी से अधिक मोदी विरोधी माहौल बना शिवराज के लिए सर दर्द ,गोपनीय रिपोर्टें भी यही कह रही है
मामा अपने दम पर पाएँगे चौथी बार सत्ता ?
जनता की जागरूकता भी परेशानी बढ़ा रही है
भोपाल/इंदौर ।(राजेन्द्र के.गुप्ता 98270-70242) मध्यप्रदेश सहित पाँच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव में मोदी सहित पार्टी के दो- तीन राष्ट्रीय नेताओं के पुराने भाषण और विरोध उनकी ही पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे है । वही टेक्स में बदलाव को आसान तरीके से लागु नही कर पाना ,व्यापारियों को साल मे कई बार इसके लिए परेशानी होना ,भारी पेनल्टी ,महँगाई ,पेट्रोल-डीजल के बढ़ते भाव ,आधार और समग्र आईडी को बनवाने ,सुधार करवाने आदि लेकर कई परेशनिया,संदेह और लिंक करवाने की नित नई कवायदें ,सैनिकों की लगातार होती मौतें ,बैरोजगारी ,स्मार्ट सिटी के नाम पर तोड़फोड़ ,अफसरों की तानाशाही ये सब शिवराज मामा के किए गए कामों के आड़े आ रही है । शिवराज मामा जनता के लिए जितने सरल बने रहे उतनी ही कठिनाइयाँ केन्द्र की नई-नई नीतियों और योजनाओं ने खड़ी की । बिना व्यवस्था बनाए लागु कर देना ,फिर उस पर अड़े रहने से जनता में भारी विरोध पैदा कर दिया है । टेक्स और बैंकिंग व्यवस्था में लगातार बदलाव भी जनता के लिए परेशानी का कारण बने है । रोजगार पाने और व्यापार बढ़ाने से ज़्यादा जनता को कानूनी पचड़ों से बचने के लिए जदोजहद करना पड़ रही है । जनता की जागरूकता भी परेशानी बढ़ा रही है ,क्योंकि हर कोई वीडियो बना रहा है ,विरोध कर रहा है । बड़े अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्यवाही नही होना भी जनता में रोष का कारण है ।सत्ता परिवर्तन होता भी है तो व्यवस्थाएँ नही बदलती क्योंकि अफसर वही रहते है ,बस फायदा उठाने वाले कुछ लोग बदल जाते है ,हालाँकि सक्षम लोग सरकार के साथ हो लेते है ।
मंदिरों ,ठियों पर भी नेताओं की अच्छाई-बुराई पर चर्चा –
चुनावी सीजन में नेताओं के द्वारा मंदिरों की चौखट पर मत्तथा टेकने की चर्चाएँ के बीच हम भी सबसे पहले मंदिर से बात शुरू की ।धार की श्रीमती शीला देवी सिल्वर हील कालोनी के मंदिर में 20-25 बुज़ुर्ग महिलाओं के साथ रोज शाम को दो घंटे भजन करती है इसी दौरान राजनीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करती है और नेताओं की अच्छाई और बुराई का आकलन करती है। अपने पोते सात्विक की स्कूल ड्रेस के पेंट की तुरपाई करते हुए शीला देवी कहती है घरेलू महिलाओं को सबसे ज़्यादा दुखी गैस की टंकी की बढ़ती क़ीमतों ने कर रखा है । इसी तरह इंदौर के खजराना, कनाड़िया रोड़ पर अब भी गाँवों सा माहौल रहता है चौपाल पर धोती ,लूँगी में बैठे  यूसुफ पटेल ,इस्लाम पटेल ,इरफ़ान पटेल से जब बात की तो उन्होंने बोला हम कई बतावा तमारे सामने सगड़ी बातें है ,इनके मन में बाजार के मद्दिवाड़े की कसक देखने को मिली । भोपाल के न्यू मार्केट स्थित आईक्रीम पार्लर पर परिवार के साथ आए इंजीनियर दिलीप अमिता गुप्ता ,दीपक ,प्रकाश सुहाने ,ज्योति ,मोनिका ,इंदौर के भुवन तोषनीवाल , पं.रामगोपाल शर्मा ,सलीम खान ,परमजीत सिंह मुंदड़ा ,दिनेश पांडे ,भारतपूरी गोस्वामी ,रविंद्र गुप्ता ,परमांनद सिसौदिया से बात की तो इनका कहना था नेता बदल जाते है पर व्यवस्था नही बदलती ।
मीडिया पर भारी सोशल मीडिया –
सोशल मीडिया आज जनता से सीधे संवाद करने का सबसे सशक्त माध्यम हो गया है ।अखबारों और न्यूज चेनलों की विश्वसनीयता पर कई बार सवाल उठ चुके है । सरकारी विज्ञापनों की भरमार के कारण भी जनता का विश्वास डोला है। पहले केजरीवाल औत राहुल गांधी पर बनाए चुटकुले ,वीडियो और मेसेज वायरल होते थे अब मोदी ,सुषमा स्वराज ,स्मृति ईरानी सहित कई नेताओं के पुराने भाषण ,जुमले और महँगाई पर किए गए प्रदर्शन के वीडियो वायरल हो रहे है । इनके द्वारा केंद्रीय सत्ता में आने के पूर्व दिए गए लच्छेदार भाषण इनके लिए मुसीबत बने हुए है । जब हमने अलग – अलग शहरों ,गाँवों के मतदाताओं से बात की तो हमें मध्यप्रदेश में सत्ता से ज़्यादा मोदी विरोधी माहौल होने का आभास हुआ । हो सकता है आज हमारी ये खबर कई लोगों को अटपटी लगे ,पर हमारा पूरा विश्वास है पूर्व की तरह ही हमारी इस खबर को मीडिया में प्रमुखता से उठाया जाएगा ।
मामा अपने दम पर पाएँगे चौथी बार सत्ता ? –
कुल मिला कर मध्यप्रदेश में शिवराज को मोदी विरोधी माहौल ज़्यादा परेशान करेगा और मुसीबतें खड़ी करेगा । शायद यही कारण है कि प्रदेश में मोदी की अधिक सभाएँ करवाने की बजाए कम सभाएँ करवा कर अधिक उम्मीदवारों का प्रचार करवाया जा रहा है । सूत्रों के अनुसार गोपनीय रिपोर्टें भी यही कह रही है । शायद इन्ही कारणों से शिवराज मामा धुआँधार प्रचार कर अपने दम पर ही सत्ता की चौथी पारी के लिए अथक प्रयास कर रहे है ।

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