जीका वायरस: प्रदेश में दौरे पर आई केन्द्रीय टीम

FEATURED मध्य प्रदेश

संक्रमण फैलने से रोकने के प्रयासों में बताई प्रशासन की कमियां
भोपाल (ईएमएस)। खतरनाक जीका वायरस के फैलने की सूचना परा केन्द्रीय टीम प्रदेश के दौरे पर आई है। इस टीम ने प्रदेश में जीका वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने किए जा रहे प्रयासों में प्रशासन कमियां गिनाई। केन्द्र की टीम ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के बीच तालमेल की कमी बताई है। टीम ने यह भी कहा है कि लार्वा सर्वे करने वाली टीम में कुछ कर्मचारियों को ट्रेनिंग की जरूरत है। टीम में शामिल दोनों विशेषज्ञों ने संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ.मोहन सिंह व जिला मलेरिया आधिकारी अखिलेश दुबे से मुलाकात कर रोकथाम उपायों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कुछ कमियां भी बताई, जिन्हें दुरुस्त करने की जरूरत है। टीम के सदस्यों ने मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम में नगर निगम से तालमेल की कमी बताई है। विशेषज्ञों ने कहा है घरों में बार-बार लार्वा मिलने पर जुर्माना क्यों नहीं किया जा रहा है। घरों से बाहर मच्छर मारने के लिए फॉगिंग बढ़ाने की जरूरत भी उन्होंने बताई है।
बता दें कि प्रदेश के सात जिलों में जीका वायरस के 127 मरीज मिल चुके हैं। भोपाल में 51मरीज मिले हैं। सोमवार को सात संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। ठंड शुरू होने के बाद भी शहर में डेंगू के मरीज कम नहीं हो रहे हैं। औसतन 9 मरीज रोज मिल रहे हैं। इसकी वजह यह कि जीका का संक्रमण फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे की पूरी टीमें जीका प्रभावित कॉलोनियों में लगा दी। डेंगू पॉजीटिव मरीज के घर व आसपास के घरों में लार्वा सर्वे नहीं किया गया। इस वजह से डेंगू फैलता जा रहा है। इस साल अब तक शहर में डेंगू मरीजों की संख्या 740 हो गई है। हालांकि, सरकारी आंकड़ों के अनुसार के सालभर में 618 मरीज ही मिले है।मालूम हो कि शहर में 30 अक्टूबर को जीका बुखार का मरीज मिला था। इसके बाद केन्द्र से विशेषज्ञों की अलग-अलग टीमें निगरानी के लिए आ रही हैं। दो विशेषज्ञ अभी भी जीका प्रभावित जिलों में दौरा कर रोकथाम के उपायों का जायजा ले रहे हैं।
सुदामा/27नवंबर2018

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