(भोपाल) सरकार नहीं बनी तो इस बंगले में रहेंगे मुख्यमंत्री

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भोपाल (ईएमएस) जीत के प्रति आश्वस्त लग रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भविष्य की संभावनाओं को भी विकल्प के रूप में सुरक्षित कर लिया है। उन्होंने राजधानी के लिंक रोड स्थित एक बंगला पसंद करके रखा है जो नंदकुमार चौहान के बंगले के बगल में है। पिछले दिनों से इस बंगले में साफ-सफाई का काम चल रहा है। पूछने पर पता लगा कि रूटीन सफाई का काम है, लेकिन जानकार कह रहे हैं कि किसी आकस्मिक स्थिति में इस बंगले को तैयार रखा जा रहा है ताकि परिणाम सकारात्मक ना हो तो मुख्यमंत्री यहां शिफ्ट हो जाएं।
विधानसभा चुनाव के परिणाम 11 दिसंबर को दोपहर 2 बजे तक स्पष्ट हो जाएंगे। परिणाम भले ही देर शाम आएं, लेकिन 2 बजे तक यह पता लग जाएगा कि सरकार कौन बना रहा है। कुछ घंटे ही शेष है इसलिए ईएमएस ने मंत्रियों के बंगले का हाल जाना तो पता चला कि कुछ मंत्री, जिन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था उनका सामान पैक हो चुका है। वहीं कुछ मंत्रियों के घर भी पैकिंग चल रही है। खबर यह भी है कि राजधानी के मालवीय नगर स्थित एक सरकारी बंगले से कुछ दिन पहले पालतू पशुओं को एक मंत्री द्वारा अपने गृह जिले भेजा गया था।
वैसे भी नई सरकार का गठन होने पर सभी मंत्रियों को कैबिनेट में लिया जाएगा यह तय नहीं है। सूत्र बताते हैं कि नई सरकार के गठन में बहुत से पुराने मंत्रियों को ड्रॉप किया जा सकता है। वहीं कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी होना है। इस बार सरकार के गठन के समय पहली सूची में ज्यादा नाम होने की संभावना नहीं है, मंत्रिमंडल विस्तार के समय कुछ अन्य चेहरों को शामिल किया जाएगा। दूसरी तरफ कुछ मंत्रियों को अपने चुनावी क्षेत्र में माहौल की भनक लग गई है इसलिए भी उन्होंने अपने विश्वस्त स्टाफ को सामान की पैकिंग में लगा दिया है।
भारतीय जनता पार्टी के लिए इस बार चुनाव की डगर आसान नहीं है। परिणाम चाहे जो हो, लेकिन इतना तय है कि कुछ बड़े दिग्गज नेताओं को पराजय का सामना करना पड़ सकता है, जिनमें मंत्री भी शामिल हैं। मंगलवार को कौन विधायक रहेगा और कौन नहीं इसका फैसला हो जाएगा। लेकिन चुनावी हालात को देखते हुए तैयारी शुरू कर दी गई है। सत्ता परिवर्तन होगा अथवा नहीं यह अलग विषय है किन्तु मंत्रिमंडल के चेहरे अवश्य बदलेंगे। कुछ वर्तमान मंत्रियों को संगठन द्वारा भी संकेत दे दिया गया है कि चुनाव बाद उनकी भूमिका क्या रहेगी। इन सब को देखते हुए मंत्रियों ने अपनी तैयारी पूरी रखी है, ताकि चुनाव के बाद हालात बदलने पर ज्यादा विलंब ना करते हुए सरकारी सामान और फर्नीचर वापस कर दिया जाए और अपना निजी सामान यथास्थान पहुंचा दिया जाए। बहुत से बंगलों में सामान की सूची भी बना ली गई है।
वही मंत्री के निजी स्टाफ को भी अपने भविष्य की चिंता है। सत्ता परिवर्तन होने की स्थिति में उन्हें मंत्री बंगले पर ही नियुक्त किया जाएगा अथवा उनके विभाग में वापस भेजा जाएगा, इस विषय में अभी अनिर्णय की स्थिति ही बनी हुई है। सामान्य तौर पर मंत्री की निजी नियुक्ति में उसी स्टाफ को प्राथमिकता दी जाती है, जिसे मंत्रियों के साथ कार्य का अनुभव हो इसलिए अधिकांश मंत्रियों के यहां वहीं स्टाफ है जो पिछले लंबे समय से मंत्री के साथ काम करने का अनुभव रखता है। लेकिन सत्ता परिवर्तन होने पर कुछ चेहरों में बदलाव होना तय है।
सुबोध/10 दिसम्बर 2018

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