मैं हूँ अनाड़ी।
हूँ मैं अनाड़ी, ये कहता हूँ मैं अब, हुनर धोखा देने का, न सीखा अभी तक, करता हूँ मेहनत, दिन रात मैं तो, बुरे काम को, मैंने किया न अभी तक। मैं देखूं जिधर, फ़रेबी दुनियां है दिखती, फ़रेब मैंने किसी से, पर किया न अभी तक, करता हूँ मेहनत, दिन रात मैं तो, बुरे […]
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