खासकर भारत में हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में मीठे का सेवन करता ही है, चाहे वो चाय हो, मिठाई या चॉकलेट वगैरह। जिन्हें अक्सर मीठा खाने की आदत होती है, वो अगर थोड़ी सी भी मीठी चीज खा लें, तो मन में उसे खाने की इच्छा और बढ़ जाती है। पर्व त्यौहार हो या फिर शादी ब्याह मिठाई हमारे खान-पान का हिस्सा है लेकिन ज्यादातर लोग मिठाई खाते वक्त नुकसान की परवाह नहीं करते।इसलिए त्योहारों के समय लोगों को मीठा कम ही खाने की सलाह दी जाती है। चूंकि आज के समय में अधिकतर लोग शारीरिक व्यायाम कम ही कर रहे हैं, ऐसे में मीठे का अधिक सेवन उन्हें रोगग्रस्त बना सकता है।
दैनिक आवश्यकता
पुरुषों को एक दिन में 150 कैलोरी (37.5 ग्राम या करीब 9 छोटी चम्मच) लेने की आवश्यकता होती है।
महिलाओं को एक दिन में 100 कैलोरी (25 ग्राम या करीब 6 छोटी चम्मच) लेने की जरूरत होती है।
मीठा खाने के फायदे
अगर उचित मात्रा में मीठे का सेवन किया जाए तो उससे शरीर को फायदा हो सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि डार्क चॉकलेट जैसी कुछ मीठी चीजों को खाने से स्ट्रोक का खतरा कम होता है और उच्च रक्तचाप यानी हाई बीपी में भी फायदा होता है।
मीठा खाने के नुकसान
मोटापा
मीठी चीजों में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है और विशेषज्ञ कहते हैं कि कैलोरी अधिक लेने से वजन या मोटापा तेजी से बढ़ने लगता है और यह हाई ब्लड शुगर और हृदय रोग संबंधी कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता
डायबिटीज का खतरा
विशेषज्ञ कहते हैं कि मीठा अधिक खाने से ब्लड शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है। ऐसे में डायबिटीज की संभावना बढ़ जाती है।
डायबिटीज के मरीजों को तो डॉक्टर वैसे ही मीठा नहीं खाने की सलाह देते हैं,।
प्रतिरक्षा तंत्र भी होता है कमजोर
अधिक मीठा खाने से प्रतिरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली में बाधा उत्पन्न होती है। ऐसे में सर्दी-जुकाम, फ्लू और अन्य वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा लगातार मीठा खाने से हड्डियों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है।
फैटी लिवर (Fatty Liver) के खतरे को बढ़ाती है चीनी
जो लोग रोजाना चीनी वाले ड्रिंक का सेवन करते है उनमें भी फैटी लिवर की समस्या बढ़ जाती है.
स्किन (Skin) के लिए खतरानाक है चीनी
इससे आपको कम उम्र में झुर्रिया की समस्या हो सकती है वहीं मीठा अधिक खाने से आपकी स्किन अपनी चमक भी खो देती है और ऐसे में आपकी स्किन बेजान हो जाती है।.
किडनी (Kidney) में हो सकती है समस्या
अधिक मीठा सेवन करने का असर सीधे आपकी किडनी पर पड़ता है और आपको किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
दिल की सेहत पर प्रभाव
मीठी चीज़े बहुत जल्दी खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इस वजह से ह्रदय का जोखिम बनता है। हाई डेंटिसिटी लिपोप्रोटीन का स्तर कम होने वाले वाहिकाओं में जमा होने लगता है और रक्त संचार में परेशानी पैदा करता है। यह धमनी की बीमारी को बढ़ावा देता है।
मीठा खाने से इंसान की ऊर्जा कम होती है
ज्यादा मात्रा में मीठा खाने के बाद हमारे शरीर पर शुगर क्रैश का असर दिखता है, जिससे इंसान की ऊर्जा कम होती है, उसे आलस्य आता है, उसे बेटाइम नींद भी ज्यादा आने लगती है, जबकि सोने के समय वो थोड़ी परेशानी का अनुभव करता है।
अत्यधिक मीठा खाने से सिरदर्द भी होता है, मीठा खाने से तनाव भी पैदा होता है।
चीनी का सेवन ज्यादा करने वाले लोगों में मायोकार्डियल इंफ्रेक्शन का खतरा ज्यादा होता है।
शुगर क्रेविंग होने पर
सुक्रोज प्राकृतिक रूप से फलों, सब्जियों में पाया जाता है, इसलिए हमें उन चीजों का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए क्योंकि प्राकृतिक चीजें नुकसान नहीं करतीं।
डॉ आरती मेहरा
पोषण एवं आहार विशेषज्ञ
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