प्रेरणा-गीत

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कोशिश तुम्हें ही     करना  है

कोशिश   तुम्हें  ही  करना है,

थक कर तुम्हें नहीं रूकना है।

प्रगति पथ पर सतत् बढ़ना है,

जीवन का  मोल समझना  है।

बिघ्न-बाधाओं   से लड़ना  है,

हार को जीत में बदलना    है।

जीतकर कभी नहीं रूकना है,

कोशिश      तुम्हें ही करना है।

नवभारत का निर्माण करना है,

सबके हक़ के लिए लड़ना   है।

सत्य-न्याय के पथ पे बढ़ना है,

अंगारों पर भी तुम्हें चलना  है।

तूफानों को हँसकर सहना  है,

प्रलय से आगे  निकलना    है,

कोशिश तुम्हें     ही करना  है।

दुख को हँसते-हँसते सहना है,

गिर-गिरकर फिर से उठना  है।

सबके सपने साकार करना  है,

वतन के लिए जीना-मरना  है।

अपना   सबको  समझना   है,

सबको साथ लेकर चलना  है,

कोशिश  तुम्हें ही   करना  है ।

मरू को पार कर निकलना  है,

छाया देखकर नहीं मचलना है।

देश को सर्वस्व अर्पण करना है,

अन्याय से  तुम्हें ही  लड़ना  है।

संविधान  का मान रखना    है,

भारत का   इतिहास गढ़ना  है,

कोशिश    तुम्हें  ही  करना है।

—  नवीन कुमार ‘नवेंदु’

 शिक्षक ,रा.म.वि. बानो सिमडेगा,झारखंड ,

संपर्क सूत्र 9572866675