फैमिली ड्रामा है,  ‘लक्ष्मी निवास’, 

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भारत के हर मिडिल क्लास संयुक्त परिवार के लिए दो सपने ऐसे होते हैं,जो उनके दिल के सबसे करीब होतेहैं, लेकिन उन्हें पूरे करना सबसे मुश्किल होता है। पहला तो अपना एक घर हो और बेटियों की शादी पूरे सम्मान और सुकून के साथ हो। ‘लक्ष्मी निवास’ -एक दिल छू लेने वाला फैमिली ड्रामा, जो उन उम्मीदों और उस खामोश त्याग को सामने लाता है, जो माता-पिता अपने बच्चों के लिए करते रहते हैं।कहानी के केंद्र में लक्ष्मी और श्रीनिवास हैं। एक ऐसा दंपति, जिसने 35 साल किराए के घर में रहते हुए अपनी ज़िंदगी का हर फैसला परिवार को ध्यान में रखकर लिया। उन्होंने हमेशा अपने सपनों से पहले अपने परिवार को रखा। श्रीनिवास के रिटायरमेंट के बाद ही वे अपने लंबे समय से टले हुए सपनों को फिर से देखने की हिम्मत जुटाते हैं। अपना घर बनाने का सपना और बेटियों की शादी। लेकिन इस सफर में उन्हें कई दर्द भरे फैसलों, आपस में टकराती उम्मीदों और रिश्तों की कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ता है, जहां प्यार, त्याग और साथ रहने का असली मतलब समझ में आता है।