एमपी ट्रांसको ने समय से पूर्व पूरा किया पहला नोटिफाइड कार्य; अब 5000 एमवीए के करीब पहुंची उज्जैन की क्षमता ::
इन्दौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों पर अमल करते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने सिंहस्थ-2028 की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि सिंहस्थ के लिए तय नोटिफाइड कार्यों में से पहला महत्वपूर्ण कार्य निर्धारित समय-सीमा से पहले ही पूर्ण कर लिया गया है। इसके तहत उज्जैन के शंकरपुर स्थित 220 केवी सबस्टेशन की क्षमता में रिकॉर्ड समय में वृद्धि की गई है।
ऊर्जा मंत्री के अनुसार, सिंहस्थ क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए शंकरपुर सबस्टेशन में 20 एमवीए क्षमता के पुराने पावर ट्रांसफार्मर को हटाकर 50 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित और ऊर्जीकृत किया गया है। इस अपग्रेडेशन से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रणाली पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है।
:: इन सिंहस्थ क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ ::
शंकरपुर सबस्टेशन की क्षमता बढ़ने से उज्जैन के प्रमुख धार्मिक और रिहायशी क्षेत्रों को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी। इनमें क्षिप्राविहार, गढ़कालिका, महाश्वेता नगर, सिद्धवट, मंगलनाथ, वल्लभ नगर, ज्योतिनगर, ताजपुर और विजयगंज मंडी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। आगामी सिंहस्थ के दौरान इन क्षेत्रों में उमड़ने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना इस कार्य का मुख्य उद्देश्य है।
:: उज्जैन की कुल पारेषण क्षमता 4851 एमवीए पहुंची ::
एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता योगेश माथुर ने बताया कि इस विस्तार के बाद उज्जैन जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता अब 4851 एमवीए (लगभग 5000 एमवीए) हो गई है। वर्तमान में जिला 18 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशनों से जुड़ा है, जिनमें 400 केवी के दो और 220 केवी के तीन सबस्टेशन प्रमुख हैं। यह उपलब्धि सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन की दिशा में ऊर्जा विभाग का पहला बड़ा कदम है।

