अब तक 29, अखाड़े में अच्छों अच्छों को पटखनी दे हराने वाले पहलवान भागीरथपुरा में नगर निगम के दूषित पानी से हार गये जिंदगी, हुई मौत

इंदौर

भागीरथपुरा में इन्दौर नगर निगम द्वारा सप्लाई पानी से एक और मौत के बाद आंकड़ा 29 तक पहुंच गया है। कल सुबह क्षेत्र ही नहीं शहर और प्रदेश के जाने-माने पहलवान खूबचंद पिता गन्नूदास उम्र पचहत्तर साल की मौत हो गई। इसके पहले रविवार को 75 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक और कांग्रेस के वार्ड अध्यक्ष राजाराम बौरासी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था वहीं उससे पहले शुक्रवार को 63 साल के बद्री प्रसाद ने दम तोड़ा था। उन्हें 4 जनवरी को उल्टी-दस्त के कारण एमवाय अस्पताल में एडमिट किया था। वहां चार दिन रहने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। 17 जनवरी को हालत खराब होने पर अरबिंदो अस्पताल ले गए। शुक्रवार दोपहर को उनकी मौत हो गई। वहीं गुरुवार रात को विद्या बाई उम्र बयासी साल की अरबिंदो अस्पताल में मौत हो गई थी। उनके बेटे शिवनारायण के अनुसार मां को 10 जनवरी से उल्टी-दस्त की शिकायत थी। घर पर इलाज चल रहा था। मंगलवार को कमजोरी बढ़ने से वे बाथरूम जाने के दौरान गिर गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनकी कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। ज्यादा उम्र और कमजोरी के कारण सर्जरी नहीं हो सकती थी इसलिए उन्हें घर ले गये थे गुरुवार रात को फिर तबीयत बिगड़ी तो उन्हें अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया था जहां 2 घंटे बाद उनकी मौत हो गई। इसी दुखद क्रम में आज भागीरथपुरा में जाने माने पहलवान खूबचंद की मौत हो गई वहीं कई अभी भी गंभीर अवस्था में अस्पतालों में भर्ती हैं।परिजनों के अनुसार खूबचंद पहलवान विगत 15 दिनों से उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत थी। उन्हें इलाज के लिए पहले भागीरथपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए थे। यहां उन्हें दवाइयां दी और फिर वापस घर भेज दिया। लेकिन उन्हें आराम नहीं मिला। इसके बाद कल सुबह फिर उन्हें इलाज के लिए केंद्र लेकर पहुंचे। यहां पर मौजूद विशेषज्ञों ने उन्हें दवाई दी और घर पर ही आराम करने की सलाह दी। लेकिन शाम को अचानक उन्हें उल्टी हुई और उनकी मौत हो गई। परिजनों ने उनकी मौत का कारण दूषित पानी से हुई उल्टी-दस्त को ही बताते कहा कि इससे पहले वे पूरी तरह स्वस्थ थे और अपने खुद के सभी काम खुद ही करते थे। वे पहलवान थे, इसलिए रोजाना हाथ-पैर की मालिश भी करते थे। परिजनों के अनुसार वे मिल में मजदूरी करते थे। अपने समय के पहलवान थे। उन्होंने कई कुश्ती जीती और कई नामी-गिरामी पहलवानों को हराकर उन पर जीत हासिल की थी। लेकिन अखाड़े और कुश्ती मेट पर बेहतरीन दांव-पेंच लगाकर अच्छों अच्छों को पटखनी देते चित्त कर देने वाले खूबचंद पहलवान इन्दौर नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गये इस दूषित पानी के आगे खुद ही बेबस लाचार हो जिंदगी ही हार गये