इन्दौर । शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और मास्टर प्लान की सड़कों को समय-सीमा में पूर्ण करने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने मंगलवार को विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित मार्गों का सघन ग्राउंड जीरो निरीक्षण किया। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सड़कों का निर्माण न केवल समयबद्ध होना चाहिए, बल्कि गुणवत्ता के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर भी खरा उतरना अनिवार्य है।:: प्रमुख मार्गों की जमीनी हकीकत जांची :: निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने जिंसी चौराहा से लक्ष्मीबाई प्रतिमा, नेमिनाथ चौराहा से जिंसी चौराहा, और सुभाष मार्ग (गोल मंदिर से रामबाग पुल) जैसे व्यस्ततम क्षेत्रों का जायजा लिया। इसके अतिरिक्त एयरपोर्ट रोड से एमआर-5 लिंक रोड तक के कार्यों की समीक्षा की गई। आयुक्त ने कार्यपालन यंत्रियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण के साथ-साथ नर्मदा जल प्रदाय, सीवरेज और स्टॉर्म वाटर लाइनों जैसी यूटिलिटी सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि भविष्य में सड़कों को दोबारा खोदने की स्थिति निर्मित न हो।:: सीमांकन और नए प्रोजेक्ट्स पर फोकस :: आयुक्त सिंघल ने खड़ा गणपति से टिगरिया बादशाह मार्ग के तत्काल सीमांकन के निर्देश दिए। साथ ही, एमआर-4 (भंडारी ब्रिज से बाणगंगा रेलवे क्रॉसिंग) और आरडब्ल्यू-1 से आईएसबीटी तक प्रस्तावित 30 मीटर चौड़ी सड़क के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने को कहा। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्माण स्थल पर बाधक बन रहे अतिक्रमणों को तत्काल हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने की हिदायत भी दी।निरीक्षण दल में अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, कार्यपालन यंत्री नरेश जायसवाल, पी.एस. कुशवाह और उपयंत्री देवेंद्र सिंह सहित अन्य तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

