-इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए घर में अलग से फ्यूज बोर्ड जरूर लगवाएं
नई दिल्ली । इंदौर में एक इलेक्ट्रिक कार, जो चार्ज हो रही थी, अचानक आग का गोला बन गई। ये आग इतनी तेजी से भड़की कि पलक झपकते ही गाड़ी से घर तक लपटें पहुंच गईं, जो कुछ देर पहले तक शांत और सुरक्षित था, देखते ही देखते आग की लपटों से घिर गया, जो लोग घर में सो रहे थे उन्हें यह भी पता नहीं चला कि आग कब दरवाजे तक पहुंच गई। धुआं, आग और रास्ते बंद, सब कुछ इतना तेजी से हुआ कि बचने का मौका ही नहीं मिला और इस हादसे में 8 लोग जिंदा जल गए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र का है। इस इलाके में पुगलिया परिवार रहता है, जहां उनकी इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग में लगी थी। बता दें इलेक्ट्रिक व्हीकल अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरत बनते नजर आ रहे हैं। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच ईवी काफी बेहतर मानी जा रही हैं। सरकार भी इलेक्ट्रिक कारों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन जैसे-जैसे लोग ईवी अपना रहे हैं, वैसे-वैसे एक नई जिम्मेदारी भी सामने आ रही है, खासकर घर पर चार्जिंग को लेकर। छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है, इसलिए जरूरी है कि ईवी चार्जिंग को लेकर सही जानकारी और सावधानी दोनों रखी जाएं।
घर पर इलेक्ट्रिक कार चार्ज करना सबसे आसान और सुविधाजनक तरीका है। ज्यादातर लोग अपनी गाड़ी रात में चार्ज करते हैं, लेकिन यह सिर्फ प्लग लगाने जितना आसान काम नहीं है। इसमें सही सेटअप और सेफ्टी के नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है, ताकि गाड़ी और घर दोनों सुरक्षित रहें। चार्जिंग प्वाइंट्स को लेकर कुछ ख़ास बातों का ध्यान जरूरी है।
इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के लिए घर में अलग से फ्यूज बोर्ड लगवाना बहुत ही जरूरी है। इससे चार्जिंग सिस्टम घर के बाकी इलेक्ट्रिक सर्किट से अलग रहता है और ओवरलोड या शॉर्ट सर्किट का खतरा कम होता है। इसके लिए हमेशा किसी प्रोफेशनल इलेक्ट्रिशियन से सलाह लें और उससे इंस्टॉलेशन करवाएं। कोशिश करें जिस कंपनी की कार आप खरीद रहें उनके द्वारा ही ये काम हो या फिर उनके ही रेकमंडेशन पर या सुझाए गए प्रोफेशनल से यह काम करवाएं।
जानकारी के मुताबिक साधारण सॉकेट से भी चार्जिंग हो सकती है, लेकिन रेगुलर यूज के लिए प्रोफेशनल चार्जिंग स्टेशन बेहतर होता है। चार्जिंग केबल, प्लग और चार्जिंग प्वाइंट की समय-समय पर जांच करते रहें। अगर कहीं किसी तरह का कट, घिसाव या खराबी नजर आए तो तुरंत उसे बदलें। खराब उपकरण आग या शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकते हैं। खुद से रिपेयर करने की बजाय एक्सपर्ट की मदद लें। इसलिए ऐसी स्थिति में उस टीम से संपर्क करें जिसके द्वारा चार्जर इंस्टॉल करवाया गया है।
जहां आपको अपनी इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के खड़ी करनी है उस जगह का बहुत ही समझदारी से चुनाव करें। ऐसी जगह के आसपास किसी भी तरह के ज्वलनशील चीजें जैसे, पेट्रोल-डीजल, गैस सिलेंडर, केरोसीन, फेविकोल, पेंट, थीनर, तेजाब या बैटरी इत्यादि बिल्कुल न रखें। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि वहां गंदगी या पानी न हो। चार्जिंग एरिया बिल्कुल क्लीन, क्लीयर और साफ-सुथरा होना चाहिए। ये उपाय आग और करंट के खतरे को कम करता है, साथ ही इससे चार्जिंग सिस्टम की लाइफ भी बढ़ती है। बेहतर है कि गाड़ी को 80-90फीसदी चार्ज करने के बाद प्लग निकाल दें या स्मार्ट चार्जिंग सिस्टम का इस्तेमाल करें। अचानक वोल्टेज बढ़ने से बैटरी और चार्जिंग सिस्टम को नुकसान हो सकता है। इससे बचने के लिए घर में सर्ज प्रोटेक्टर लगवाना एक अच्छा विकल्प होता है। खासकर उन जगहों पर जहां पावर फ्लैक्चुएशन ज्यादा होता है। वोल्टेज में लगातार उतार चढ़ाव के चलते न केवल चार्जिंग प्वाइंट के खराब होने के खतरा होता है बल्कि इससे केबल में शॉर्ट सर्किट भी हो सकता है।

