मैंने सेट को मिस्ट्री ड्रामा जैसा बना दिया

मनोरंजन

हर साल अप्रैल फूल्स डे अपने साथ हंसी, हल्के-फुल्के मजाक और यादगार पलों की भरमार लेकर आता है। 

सीरत कपूर ने अपने शरारती अंदाज़ का खुलासा करते हुए कहा, “मुझे ऐसे प्रैंक प्लान करना बहुत पसंद है जिनमें थोड़ी मेहनत लगे लेकिन असर बड़ा हो! एक अप्रैल फूल्स डे पर मैंने हमारे पूरे सेट को एक मिस्ट्री ड्रामा जैसा बना दिया। शूट से पहले मैंने चुपके से सेट पर अलग-अलग जगहों पर अजीब ‘क्लूज़’ रख दिए—रैंडम प्रॉप्स, हाथ से लिखे नोट्स और यहां तक कि एक नकली ‘खोई हुई चीज़’ की घोषणा, जिससे लगे कि सेट से कोई कीमती सामान गायब हो गया है। शूट शुरू होने से ठीक पहले मैंने कुछ सह-कलाकारों से बस ऐसे ही कहा कि प्रोडक्शन टीम चुपचाप पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह जरूरी प्रॉप किसने ‘गुम’ किया है और हमें पैक-अप के बाद रुकना पड़ सकता है। कुछ ही मिनटों में सब लोग आपस में फुसफुसाने लगे, अपने बैग चेक करने लगे । कुछ लोग तो बिल्कुल बेकार चीज़ों को भी जोड़कर कहानी बनाने लगे, जिससे स्थिति और मजेदार हो गई! 

रोहिताश्व गौर, ने कहा, “लोग सोचते हैं कि मैं हमेशा मजाक का निशाना बनता हूं क्योंकि मेरा ऑन-स्क्रीन किरदार ऐसा है, लेकिन असल में मुझे खुद प्रैंक प्लान करना बहुत पसंद है! एक अप्रैल फूल्स डे पर मैंने पूरे कास्ट को कन्फ्यूज़ कर दिया। मैं सेट पर अपने किरदार में ही आया, लेकिन एक अजीब ट्विस्ट के साथ मैं अपने डायलॉग की जगह दूसरों के डायलॉग बोलने लगा! एक सीन के दौरान, अपनी लाइन बोलने की बजाय मैंने अचानक अनीता भाभी के डायलॉग पूरे एक्सप्रेशन के साथ बोल दिए। शुरुआत में सबको लगा कि यह गलती है, लेकिन जब मैंने कई टेक्स में ऐसा ही किया, तो डायरेक्टर और बाकी कलाकार पूरी तरह हैरान हो गए। आखिर में मैंने किरदार से बाहर आकर ‘अप्रैल फूल!’ चिल्लाया।