राजा रघुवंशी हत्याकांड – सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की याचिका पर हुई सुनवाई, राज्य सरकार की बहस पूरी, अगली तारीख 3 जून

इंदौर

इन्दौर | मेघालय हाइकोर्ट में आज इन्दौर के कारोबारी राजा रघुवंशी के बहुचर्चित हत्याकांड की मुख्य आरोपी उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी को निचली अदालत से मिली जमानत निरस्ती हेतु मेघालय पुलिस द्वारा दायर याचिका पर आज मेघालय हाई कोर्ट में बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई दौरान राज्य सरकार की ओर से अभियोजन पक्ष ने अपनी अंतिम दलीलें पूरी कर ली हैं। कोर्ट ने अब मामले की अगली और अंतिम सुनवाई के लिए 3 जून 2026 की तारीख तय की है, जिसमें बचाव पक्ष (सोनम रघुवंशी के वकील) अपनी दलीलें पेश करेंगे।
आज हाई कोर्ट के समक्ष राज्य सरकार के विशेष वकीलों ने निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत का कड़ा विरोध किया। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि शिलॉन्ग की निचली अदालत ने महज एक लिपिकीय और तकनीकी त्रुटि (Clerical/Procedural Error) को आधार बनाकर इतनी बड़ी हत्या की मुख्य मास्टरमाइंड को जमानत दे दी। पुलिस के अरेस्ट मेमो फॉर्म पर कुछ चेकबॉक्स टिक न होने का मतलब यह नहीं है कि आरोपी को अपनी गिरफ्तारी की वजह मालूम नहीं थी। अपराध की गंभीरता को देखते हुए इस तकनीकी आधार पर मिली राहत को तुरंत खारिज किया जाना चाहिए।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी और कॉन्ट्रैक्ट किलर्स के साथ मिलकर चेरापूंजी (सोहरा) में अपने ही पति की निर्मम हत्या की साजिश रची थी। वह इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य सूत्रधार है। यदि वह जेल से बाहर रहती है, तो वह इंदौर और मेघालय में मामले से जुड़े अहम गवाहों को प्रभावित कर सकती है और सबूतों को नष्ट कर सकती है। इसलिए न्याय के हित में उसे तुरंत वापस न्यायिक हिरासत में भेजा जाना आवश्यक है।
सरकारी पक्ष की बहस पूरी होने के बाद सोनम रघुवंशी के वकीलों ने अपनी जवाबी दलीलें पेश करने के लिए अदालत से समय मांगा। हाई कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए अगली तारीख 3 जून नियत की।
ज्ञात हो कि इसी मामले में शामिल अन्य 4 सह-आरोपियों की जमानत याचिकाएं कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है।