यादें में जटिल किरदार निभाने वाले अनुराग शर्मा का मानना है कि “हर अभिनेता हीरो बनने का सपना देखता है, लेकिन मुख्य विलेन बनने के साथ अलग पहचान मिलती है”: अनुराग शर्मा शो में डॉ. सनी के किरदार से गहरी छाप छोड़ रहे हैं। यह एक ऐसा किरदार है, जो अनपेक्षित है, भावनात्मक संघर्षों से भरा है और भीतर छिपे दर्द को दर्शाता है। अक्सर डॉ. सनी खुद को डॉ. देव (इक़बाल खान) के खिलाफ पाते हैं, लेकिन उनकी यात्रा सालों के दर्द, निराशा और सब कुछ खो देने के डर से बनी है।अनुराग शर्मा ने खुलकर बताया कि वे कभी एक टैलेंटेड डॉक्टर थे, जिन्हें हमेशा लगता था कि उन्हें सही पहचान और मौके नहीं मिले। यह निराशा उनके साथ लंबे समय तक बनी रही। हालात तब बिगड़े, जब अनजाने में हुई एक गलती से एक बच्चे की जान चली गई। इसके बाद डॉ. देव ने उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया। चूँकि, वे परिवार से थे, इस घटना ने डॉ. सनी को गहराई से चोट पहुँचाई और उन्हें लगा कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है। वह दर्द और करियर खोने का डर धीरे-धीरे उन्हें अंधेरे रास्ते पर ले गया और आज का डॉ. सनी बना दिया। यही वजह है कि उनका किरदार न पूरी तरह पॉज़िटिव है और न ही पूरी तरह नेगेटिव।


1 thought on “मुख्य विलेन बनने से अलग पहचान मिलती है”
Comments are closed.