12 वर्षों में बदला भारत का स्वरूप: पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास, सुशासन और वैश्विक प्रतिष्ठा का नया अध्याय

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‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ विकसित भारत@2047 के संकल्प की ओर बढ़ता राष्ट्र

अहमदाबाद (ईएमएस)| 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देशवासियों का अभूतपूर्व समर्थन प्राप्त हुआ और वर्ष 2024 में उन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। 26 मई 2026 को प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण हो गए हैं।
इन 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित किए हैं। उनके दृढ़ नेतृत्व ने देश को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के मंत्र को प्राथमिकता देते हुए “विकसित भारत@2047” के संकल्प के साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयास किए हैं।
प्रधानमंत्री के रूप में उनके 12 वर्षों के कार्यकाल में देश ने अवसंरचना, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, विनिर्माण, खेल और सामाजिक सुधार जैसे अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात राज्य इस विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाते हुए “विकसित गुजरात से विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आज गुजरात केवल एक औद्योगिक राज्य ही नहीं, बल्कि नवाचार, हरित ऊर्जा, सेमीकंडक्टर निर्माण, वैश्विक निवेश और आधुनिक अवसंरचना का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्रीय नेतृत्व में बीते 12 वर्षों के दौरान गुजरात ने विकास, नवाचार और प्रगति का एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।
प्रधानमंत्री पद संभालने के मात्र 17 दिनों के भीतर नरेंद्र मोदी ने सरदार सरोवर बांध पर गेट लगाने की मंजूरी देकर गुजरात के करोड़ों लोगों के वर्षों पुराने सपने को साकार किया। आज सरदार सरोवर बांध अपनी पूर्ण जलस्तर क्षमता तक पहुंचकर राज्य के विकास और जल सुरक्षा का प्रतीक बन चुका है।
भारत सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत गुजरात के छह शहर—अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, गांधीनगर और दाहोद—में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं। अहमदाबाद और मुंबई के बीच तेज रफ्तार संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना गुजरात को समर्पित की है।
इसके अतिरिक्त गुजरात को अनेक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजनाओं की सौगात मिली है, जिनमें जामनगर में ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन, राजकोट के हीरासर में ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त राजकोट एम्स अस्पताल, नवसारी में पीएम मित्र पार्क, भरूच में बल्क ड्रग पार्क, कच्छ के खावड़ा में विश्व का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, दाहोद में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव निर्माण इकाई, वडोदरा में सी-295 विमान निर्माण हेतु टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स, भावनगर में विश्व का पहला सीएनजी टर्मिनल पोर्ट, द्वारका और बेट द्वारका को जोड़ने वाला आधुनिक सिग्नेचर ब्रिज ‘सुदर्शन सेतु’, साणंद में माइक्रोन सेमीकंडक्टर सुविधा तथा ‘केन्स सेमिकॉन’ ओएसएटी प्लांट जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के कारण गुजरात आज भारत के उभरते हुए सेमीकंडक्टर हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गुजरात की रेलवे कनेक्टिविटी भी उल्लेखनीय रूप से मजबूत हुई है। बुलेट ट्रेन परियोजना के अलावा, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पर्यटकों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए केवड़िया तक रेल संपर्क उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में भारतीय रेलवे की आठ ट्रेनें केवड़िया मार्ग पर संचालित हो रही हैं।
सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात को देश की पहली वंदे भारत ट्रेन की सौगात दी थी। वर्तमान में गुजरात में पांच वंदे भारत सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा भुज और अहमदाबाद के बीच नमो भारत रैपिड रेल सेवा भी प्रारंभ की गई है।
राज्य को अहमदाबाद मेट्रो और सूरत मेट्रो परियोजनाओं का भी लाभ मिला है। आज अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच मेट्रो रेल सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, जिससे नागरिकों को आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध हो रहा है।
गुजरात वर्तमान में हरित ऊर्जा, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, वित्तीय सेवाओं और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में देश का नेतृत्व कर रहा है। बीते 12 वर्षों में राज्य ने विकास और नवाचार का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जो राष्ट्रीय प्रगति का प्रतीक बन चुका है।
सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर जनवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” का आयोजन किया। इस आयोजन के माध्यम से न केवल मंदिर के गौरवशाली इतिहास का स्मरण किया गया, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, संघर्ष और पुनरुत्थान की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास भी किया गया।
वडनगर में निर्मित भारत का पहला आर्कियोलॉजिकल एक्सपीरिएंशियल म्यूजियम देश की प्राचीन नगरीय सभ्यता, ज्ञान परंपरा और ऐतिहासिक वैभव को आधुनिक तकनीक के माध्यम से विश्व के सामने प्रस्तुत कर रहा है। वहीं लोथल मैरिटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने वाली एक ऐतिहासिक परियोजना के रूप में विकसित हो रहा है।
एक ओर गुजरात में सेमीकंडक्टर, बुलेट ट्रेन, गिफ्ट सिटी और धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) जैसे भविष्य उन्मुख प्रोजेक्ट आकार ले रहे हैं, तो दूसरी ओर राज्य अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को भी विश्व पटल पर प्रतिष्ठित कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे हैं। यह कालखंड केवल एक राजनीतिक कार्यकाल के रूप में नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते आत्मविश्वास, प्रभावी शासन, तीव्र विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए युग के रूप में याद किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को पुनः “विश्व गुरु” बनाने के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में “विकसित भारत@2047” के रोडमैप के माध्यम से स्वतंत्रता की शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प साकार करने की दिशा में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है।

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