मनोज कुमार का नाम लेते ही पूरब और पश्चिम, उपकार, रोटी कपड़ा और मकान आदि अनेक सुपरहिट देशभक्ति फिल्मों की याद आ जाती है। मनोज कुमार का असली नाम हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी था। 1949 की फिल्म शबनम में दिलीप कुमार ने मनोज नामक व्यक्ति के रूप में अभिनय किया था। दिलीप कुमार के उसी चरित्र से प्रभावित होकर हरिकृष्ण गोस्वामी ने फिल्मी दुनिया में आकर अपना नाम मनोज कुमार रख लिया था। 24 जुलाई 1937 को अविभाजित भारत के एबटाबाद नामक स्थान में जन्मे मनोज कुमार एक शानदार अभिनेता के साथ एक असाधारण निर्देशक भी थे। उन्होंने अनेक फिल्मों में अभिनय और निर्देशन दोनों विधाओं में चमत्कारिक भूमिका निभाई थी। ऐसे ही एक फिल्म ‘उपकार’ में उन्होंने ‘भारत कुमार’ नामक एक देशभक्त युवा की भूमिका में इतना आकर्षक और प्रभावशाली अभिनय किया था कि उसके बाद फिल्म इंडस्ट्री में उनका नाम ही ‘भारत कुमार’ रख दिया गया था। क्रांति, रोटी कपड़ा और मकान आदि ब्लॉकबस्टर फिल्मों के अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार ने आदमी, वो कौन थी, पत्थर के सनम, नील कमल, शोर, हिमालय की गोद में आदि रोमांटिक फिल्मों में भी यादगार भूमिकाएं निभाई थी। मनोज कुमार अभिनीत और निर्देशित हिंदी फिल्में सिनेमा जगत के इतिहास में एक अलग और बहुत खास छाप छोड़ गए हैं। उन्होंने निर्माता और लेखक के रूप में भी हिंदी फिल्मों में उल्लेखनीय योगदान दिया था। 1950 से 1990 पांच दशकों की लंबी अवधि तक सिने प्रेमियों का खूब मनोरंजन करने वाले मनोज कुमार की अंतिम फिल्म ‘क्लर्क’ थी जो 1989 में रीलिज हुई थी। मनोज कुमार उर्फ भारत कुमार की मृत्यु 4 अप्रैल 2025 को हुई थी।
अनित कुमार राय टिंकू, बाघमारा, धनबाद।

