:: फायनल में ग्वालियर शेरनीस को 2 रनों से दी शिकस्त; नुज़हत की 81 रनों की साहसी पारी पर भारी पड़ी कनिष्का की फिफ्टी ::
इंदौर । होल्कर स्टेडियम की दुधिया रोशनी में शनिवार की रात मध्य प्रदेश लीग टी-20 महिला सिंधिया कप का ऐसा फाइनल मुकाबला खेला गया, जिसकी दास्तान बरसों तक याद रखी जाएगी। अंतिम गेंद तक सांसे रोक देने वाले इस मुकाबले में चंबल घड़ियाल्स ने ग्वालियर शेरनीस को बेहद रोमांचक अंदाज़ में महज 2 रनों से धूल चटाकर पहली ऐतिहासिक खिताबी ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा लिया।
चंबल घड़ियाल्स के 146 रनों के जवाब में ग्वालियर शेरनीस की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 144 रन ही बना सकी और जीत की दहलीज पर आकर उसका दिल टूट गया।
:: कनिष्का ठाकुर ने रखी चंबल की खिताबी बुनियाद ::
खिताबी भिड़ंत में पहले बल्लेबाजी करने उतरी चंबल घड़ियाल्स की शुरुआत दमदार रही। सलामी बल्लेबाज कनिष्का ठाकुर ने दबाव वाले इस फाइनल मैच में शानदार खेल दिखाते हुए महज 37 गेंदों में 7 चौकों और 1 छक्के की मदद से 50 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। मध्यक्रम में राहिला फिरदौस (29 रन) और अंतिम ओवरों में वैष्णवी सिंह के नाबाद 26 रनों के योगदान की बदौलत चंबल ने 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 146 रनों का एक चुनौतीपूर्ण और सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। ग्वालियर शेरनीस की ओर से उन्नति बगोरा (1/19) और तन्वी उपाध्याय (1/26) ही कुछ प्रभाव छोड़ सकीं।
:: शेरनी जैसी लड़ीं, पर अकेली पड़ीं नुज़हत, टूट गया खिताबी सपना ::
147 रनों के ऐतिहासिक लक्ष्य का पीछा करने उतरी ग्वालियर शेरनीस की शुरुआत बेहद धीमी रही, जब ओपनर आशना पाटीदार सिर्फ 10 रन पर रनआउट हो गईं। इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज नुज़हत मसीह परवीन ने मैदान पर कदम रखा और अकेले दम पर मैच का पासा पलटना शुरू किया। नुज़हत ने चंबल के गेंदबाजों की क्लास लेते हुए 66 गेंदों में 8 चौकों और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 81 रनों की हैरतअंगेज और जुझारू पारी खेली। उन्हें ईशाना स्वामी (29 रन) का अच्छा साथ मिला, लेकिन मध्यक्रम के अन्य बल्लेबाजों का साथ न मिलना टीम को भारी पड़ गया।
आखिरी ओवरों में जब मैच हाथ से फिसलता दिख रहा था, तब चंबल घड़ियाल्स की गेंदबाजों ने अपनी नसों पर काबू रखा। धनी बुचाडे ने 4 ओवर में 38 रन देकर 2 सबसे महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिसने ग्वालियर की रन गति पर ब्रेक लगाया। वहीं अदिति पनवार ने 4 ओवर में महज 3.50 की इकॉनमी से सिर्फ 14 रन देकर 1 विकेट लिया, जो इस कम स्कोर वाले मैच में निर्णायक साबित हुआ।
ग्वालियर शेरनीस को खिताबी जीत के लिए आखिरी 6 गेंदों में 20 रनों की दरकार थी। नुज़हत ने ओवर की दूसरी गेंद पर चौका जड़ा, जिसके बाद अंतिम 3 गेंदों पर 15 रन चाहिए थे। चौथी गेंद पर नुज़हत ने गगनचुंबी छक्का जड़कर मैच का रोमांच चरम पर पहुंचा दिया। दबाव में गेंदबाज ने अगली गेंद नो-बॉल फेंक दी, जिस पर दौड़कर 2 रन भी बने (कुल 3 रन मिले)। अब अंतिम गेंद पर जीत के लिए 6 रनों की जरूरत थी। चंबल की गेंदबाज ने सटीक यॉर्कर फेंकी, जिस पर नुज़हत केवल चौका ही बटोर सकीं। ग्वालियर की टीम 144 रन तक तो पहुंची, लेकिन लक्ष्य से महज़ 2 रन पीछे रह गई और चंबल घड़ियाल्स ने पहली ऐतिहासिक ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। कनिष्का ठाकुर प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं।
:: संक्षिप्त स्कोर ::
चंबल घड़ियाल्स विमेन : 146/4 (20 ओवर) कनिष्का ठाकुर 50, राहिला फिरदौस 29; उन्नति बगोरा 1/19.
ग्वालियर शेरनीस विमेन : 144/5 (20 ओवर) नुज़हत मसीह परवीन 81*, ईशाना स्वामी 29; धनी बुचाडे 2/38.

