सिस्टम लापरवाह, 15 जिंदगियां खाक -आग लगने पर छह लोग कांच तोडक़र एसी का तार पकडक़र नीचे कूदे, दो लोग सीधे ऊपर से कूद गए
लखनऊ । राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि जान बचाने के लिए कई छात्रों को ऊपरी मंजिलों से कूदना पड़ा। सात से आठ लोगों के घायल होने और 15 छात्रों की मौत होने की सूचना है। यह हादसा सरकारी सिस्टम की लापरवाहीं का एक और नमूना है। जिस बिल्डिंग में कोचिंग सेंटर चल रहा था वह बिना फायर एनओसी की बनी है। आग लगते ही कोचिंग सेंटर में मौजूद छात्रों के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई। कई छात्रों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनी से बाहर निकलने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग करते हुए छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। पीछे की दीवार तोडक़र छात्रों को निकाला गया।
अग्निकांड की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तय कार्यक्रमों को बीच में छोडक़र अलीगढ़ से तुरंत घटना स्थल पहुंचे । मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने कहा है कि दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। उनसे पहले घटना स्थल पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी पहुंच गए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, एसीएस होम संजय प्रसाद डीजीपी राजीव कृष्णा के अलावा डीएम और दूसरे पुलिस अधिकारी मौके पर बचाव और राहत कार्य में जुटे रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय अचानक इमारत से धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे इलाके में हडक़ंप मच गया।
दीवार तोडक़र चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। कई बच्चों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया। राहत और बचाव कार्य के दौरान आसपास के लोगों ने भी अपनी जान जोखिम में डालकर छात्रों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। बगल के मकान की छत से कोचिंग सेंटर की दीवार तोडक़र अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की गई। मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि घटना के वक्त कई बच्चे कोचिंग सेंटर के अंदर थे। आग लगी तो बच्चे नीचे कूदने लगे। घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद पूरी बिल्डिंग घने धुएं से भर गई थी, जिसके कारण अंदर फंसे लोगों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। रेस्क्यू टीम को कई जगहों पर दीवार काटकर अंदर प्रवेश करना पड़ा। फायर ब्रिगेड कर्मियों, एनडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीमों ने बिल्डिंग के भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए विशेष अभियान चलाया। कई लोगों को स्ट्रेचर और गीले कंबलों की मदद से बाहर लाया गया। रेस्क्यू टीम लगातार बिल्डिंग के भीतर फंसे अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
घायलों को केजेएमयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बाहर निकाले गए कई लोग घायल अवस्था में मिले। चार घायलों को तत्काल किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजेएमयू ) ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन ने घायलों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्था की है। डॉक्टरों की निगरानी में सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
गंभीर हालत में निकाले गए कई लोग
बचाव अभियान के दौरान एक व्यक्ति को गंभीर अवस्था में इमारत से बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसके शरीर में कोई हरकत दिखाई नहीं दे रही थी। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति को लाल रंग के गीले कंबल में लपेटकर स्ट्रेचर पर बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया। बचाव दल ने तीसरे व्यक्ति को भी स्ट्रेचर पर बाहर निकालकर अस्पताल के लिए रवाना किया। हालांकि प्रशासन ने अभी तक इन लोगों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
एंबुलेंस कम पड़ीं, डिप्टी सीएम पाठक रो पड़े
घटनास्थल पर मृतकों और घायलों के लिए एम्बुलेंस कम पड़ गई थीं। मौके पर मौजूद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक इस मंजर को देखकर रो पड़े। उन्होंने कहा- मैंने अपनी आंखों के सामने लाशें निकलती देखी हैं। सीएम योगी घटनास्थल पहुंचे। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर जाएंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी दिल्ली से लखनऊ आ रहे हैं।
आग लगने पर ऑटोमैटिक लॉक नहीं खुला
हादसे में सुखमणि (23) की मौत हो हुई है। उनके दोस्त यश ने बताया- सुखमणि 3ष्ठ एनीमेशन के ऑफिस में चार साल से नौकरी कर रहे थे। ऑफिस में करीब 40 लोग काम करते हैं। ऑफिस का मुख्य गेट थंब इंप्रेशन से खुलता था। आग फैलने के बाद गेट ऑटोमैटिक लॉक था। उसे खोलने में देरी हुई। जिसकी वजह से हादसा और ज्यादा गंभीर हो गया।
वीरेंद्र शुक्ला की इमारत, नक्शा धीरेंद्र और सुरेंद्र शुक्ला के नाम से पास
बताया जा रहा है इमारत वीरेंद्र शुक्ला की जमीन पर है। वे सीतापुर रोड पर गोविंदपुरम में स्थित रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज के मालिक हैं। इमारत का नक्शा धीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला के नाम से पास हुआ था। मामले में प्रशासन की ओर से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच के मुताबिक, इमारत में इमरजेंसी एग्जिट नहीं था। इसलिए लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।

