किशोर दा पड़ोसन फिल्म में एक्टिंग करना ही नहीं चाहते थे। वो सिर्फ गीत गाने में ही दिलचस्पी ले रहे थे इस फिल्म के। लेकिन महमूद साहब ने विद्यापित का रोल किशोर दा के अलावा किसी और एक्टर से कराने के बारे में इमैजिन भी नहीं किया था।यही वजह है कि जब किशोर दा ने पड़ोसन फिल्म में एक्टिंग करने से मना कर दिया तो महमूद साहब एक शाम किशोर दा के घर उन्हें मनाने पहुंच गए। किशोर दा जब नहीं माने तो महमूद साहब उनके घर के बाहर खड़े हो गए। और फिर पूरी रात महमूद किशोर दा के घर के बाहर यूं ही खड़े रहे।महमूद साहब का ये जज़्बा देखकर किशोर दा पिघल गए। और फाइनली उन्होंने पड़ोसन फिल्म में एक्टिंग करने की हामी भर दी। यानि एज़ ए प्रोड्यूसर अपनी पहली फिल्म में किशोर कुमार से एक्टिंग कराने का अपना ख्वाब महमूद साहब ने पूरा करके ही दम लिया। किशोर दा के साथ काम करना बहुत बड़ी बात थी।पड़ोसन फिल्म का गीत ‘मेरी प्यारी बिंदू’ बहुत ज़्यादा पसंद किया गया था। इस गीत में सुनील दत्त को प्यार का पाठ पढ़ाते हुए किशोर कुमार अपने चेलों के साथ जमकर ठुमकते हुए दिखाई देते हैं। और मज़ेदार बात ये है कि इस गीत में किशोर कुमार जो डांस करते नज़र आते हैं वो उन्हें किसी कोरियोग्राफर या डांस मास्टर ने नहीं सिखाए थे।वो स्टेप्स तो किशोर दा ने खुद ही करने शुरू कर दिए थे। किशोर दा ने खुद ही उस गीत के लिरिक्स साथी कलाकारों को बताए। और सबसे कह दिया कि जैसे मैं करूंगा, वैसा ही तुम भी करने की कोशिश करना। हो जाएगा गाना कंप्लीट। वैसा ही हुआ। और ये गाना उस वक्त का सबसे कॉमिक गाना बन गया। वैसे, आज भी इस गाने को देखकर मज़ा आ जाता है। पड़ोसन फिल्म में किशोर दा का किरदार बहुत ही दिलचस्प है। जब भी पड़ोसन फिल्म देखता हूं तो असली मज़ा उस फिल्म का वहीं पर आता है जहां किशोर दा अपनी नाटक मंडली के साथ दिखाई देते हैं। किशोर दा को नमन। महमूद साहब को नमन। दत्त साहब को नमन।
दिनेश गंगराड़े
समरपार्क, निपानिया
इंदौर452010मप्र

