‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’: जैसी डॉक्यूमेंट्री हमें यह याद दिलाती है कि मनुष्य और प्रकृति का संबंध केवल उपयोगिता का नहीं, बल्कि प्रेम, सह-अस्तित्व और संवेदनशीलता का भी है।
निर्देशक कार्तिकी गोंसाल्विस द्वारा निर्देशित और गुनीत मोंगा द्वारा निर्मित यह 41 मिनट की डॉक्यूमेंट्री वर्ष 2022 में प्रदर्शित हुई और 2023 में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म के लिए प्रतिष्ठित अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) जीतकर इतिहास रच दिया। यह पहली भारतीय डॉक्यूमेंट्री थी जिसने इस श्रेणी में ऑस्कर प्राप्त किया। कहानी तब शुरू होती है जब ‘रघु’ नाम का हाथी का एक छोटा बच्चा अपनी माँ को खो देता है और गंभीर रूप से घायल अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा होता है। ऐसे कठिन समय में बोम्मन और बेल्ली उसे अपने संरक्षण में लेते हैं। वे उसकी देखभाल किसी सरकारी जिम्मेदारी या नौकरी के रूप में नहीं करते, बल्कि उसे अपने बच्चे की तरह अपनाते हैं।
‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स केवल प्रेम और करुणा की कहानी नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण संदेश देती है। आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और जैव विविधता के संकट जैसी समस्याओं का सामना कर रही है। ऐसे समय में यह डॉक्यूमेंट्री हमें यह समझाती है कि संरक्षण केवल कानूनों और नीतियों से संभव नहीं है।
– डॉ. रेशमा एम. एल.असिस्टेंट प्रोफेसर,भाषा विभाग क्राइस्ट (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), बैंगलोर

