क्योंकि सास भी कभी बहू थी में 10 साल का लीप आने वाला है, जो अपने साथ टूटे रिश्ते, बिखरे परिवार और कई अनसुलझे सवाल लेकर आएगा। एक दशक जेल में बिताने के बाद तुलसी विरानी आखिरकार शांतिनिकेतन लौटती है। लेकिन जिस परिवार को उसने कभी प्यार और एकता के धागे में बांधकर रखा था, वह अब पहले जैसा नहीं रहा। उसके दोनों बेटे, करण और गौतम, आज एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े हैं, जिससे परिवार के भीतर भावनाओं और रिश्तों का बड़ा टकराव देखने को मिलेगा।करण का किरदार निभा रहे हितेन तेजवानी के लिए भी तुलसी की वापसी कई पुराने जख्म और अनकहे सवालों को फिर से सामने ले आती है। जहां एक तरफ करण अपनी भावनाओं से जूझ रहा है, वहीं तुलसी को इस सच्चाई का सामना करना पड़ता है कि शांतिनिकेतन अब वह घर नहीं रहा, जिसकी एकता को बचाने के लिए उसने अपनी पूरी जिंदगी लगा दी थी।

