राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी जांच से पहले ही बरामद हुए थे 58 लाख

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फिर भी एफआईआर में देरी पर उठे सवाल
अयोध्या । अयोध्या में राम मंदिर के दान की रकम की कथित हेराफेरी के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। सूत्रों ने बताया है कि मंदिर के चढ़ावे से कथित तौर पर चोरी हुए 58 लाख रुपये, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की जांच शुरू होने से पहले ही अजीब तरह से ट्रेस कर और बरामद किए गए थे। इस घटना ने मंदिर ट्रस्ट के लिए काम करने वाले लोगों की भूमिका और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के कुछ सदस्यों ने आंतरिक जांच की और अविनाश शुक्ला से 58 लाख बरामद किए। अविनाश उन आठ लोगों में शामिल है जिन्हें पिछले हफ़्ते चोरी के आरोप में गिरफ़्तार किया था। यह बरामदगी चोरी के आरोपों के सार्वजनिक होने और मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन से नौ दिन पहले की गई थी। सूत्रों ने बताया कि 5 जून को ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने तत्कालीन महासचिव चंपत राय के निर्देशों पर पुलिसकर्मियों के साथ आरोपी अविनाश के घर का दौरा किया। इस दौरान कथित तौर पर करीब 58 लाख रुपये बरामद किए गए। इसके तुरंत बाद, राय ने ट्रस्टी अनिल मिश्रा के साथ नैतिक आधार पर इस्तीफ़ा दे दिया था।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह घटनाक्रम इसलिए अहम है क्योंकि औपचारिक शिकायत दर्ज होने से पहले ही रकम वापस मिली थी। सूत्रों ने बताया कि 5 से 8 जून के बीच, आरोपी ने बैंक ट्रांसफर के ज़रिए बाकी रकम लौटा दी। ट्रस्ट को 4 जून को कथित चोरी की जानकारी मिली, 5 जून को 58 लाख रुपये बरामद हुए, और 7 जून को चोरी के आरोप सार्वजनिक हुए। इस घटनाक्रम से पता चलता है कि कथित तौर पर गबन की गई रकम को वापस पाने की कोशिशें मामला कानूनी प्रक्रिया में आने से पहले ही शुरू हो गई थीं। हालांकि, औपचारिक एफआईआर दर्ज करने में काफी देरी हुई और यह एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही पिछले हफ़्ते हुई।
अब जांच में टाइमलाइन पर खास ध्यान दिया जा रहा है। एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं कि औपचारिक शिकायत दर्ज होने से पहले ही कथित तौर पर रिकवरी क्यों शुरू हो गई थी और क्या मामले की शुरुआती जांच के दौरान प्रक्रिया में कोई चूक हुई थी। हालिया खुलासे उन जानकारियों को और पुख्ता करते हैं कि ट्रस्ट को कथित चोरी की घटना के बारे में तब ही पता चल गया था, जब यह बात अभी सार्वजनिक नहीं हुई थी। सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें अविनाश को पुलिसकर्मी ले जाते दिख रहे हैं और उनके पास एक काला बैग है, जिसके बारे में माना जा रहा है कि उसमें बरामद कैश था, हालांकि फुटेज की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।