सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला
इंफाल । पूर्वोत्तर भारत में शांति की स्थापना की राह अभी भी चुनौतियों से भरी दिख रही है। मणिपुर में हालिया हिंसा की घटनाओं के बाद अब एक बार फिर हालात संवेदनशील हो गए हैं। इस बार तनाव का केंद्र नागा संगठनों द्वारा जारी आर्थिक नाकाबंदी और उसके खिलाफ कुकी समुदाय का तीखा विरोध है। इम्फाल वेस्ट और कांगपोकपी जिले की सीमा पर मंगलवार को उस समय स्थिति गरमा गई जब लगभग 200 कुकी प्रदर्शनकारी नाकाबंदी के विरोध में मार्च निकालते हुए आगे बढ़ने लगे। हालांकि, सुरक्षाबलों ने समय रहते उन्हें रोक लिया और किसी भी बड़ी झड़प को टालते हुए हालात को बिगड़ने से बचा लिया। यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मणिपुर में जातीय तनाव अभी भी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है और किसी भी छोटी चिंगारी से एक बार फिर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक, कांगपोकपी जिले के मोटबुंग और गामगिफाई इलाके से लगभग 200 कुकी प्रदर्शनकारी गामगिफाई में एकत्र हुए और इम्फाल वेस्ट के कांगलाटोंगबी क्षेत्र के नामदिलोंग की ओर मार्च करने लगे। उनका मुख्य आरोप था कि नागा संगठनों की लगातार जारी आर्थिक नाकाबंदी से आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रदर्शनकारी नेशनल हाईवे पर सामान्य आवाजाही बहाल करने और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग कर रहे थे। सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को गामगिफाई से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी और स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। हालांकि किसी बड़े टकराव की खबर नहीं है, लेकिन पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और प्रशासन लगातार दोनों पक्षों की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है।
पिछले कई हफ्तों से नागा सिविल सोसायटी संगठनों द्वारा एनएच-2 पर विरोध प्रदर्शन और आर्थिक नाकाबंदी जारी है। यह आंदोलन विशेष रूप से छह नागा नागरिकों की हत्या के विरोध में किया जा रहा है। बीते सप्ताह भी उस समय झड़प हुई थी, जब सुरक्षा बलों ने कुकी नागरिकों को सुरक्षा के घेरे में इस मार्ग से निकालने की कोशिश की थी, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। कुकी-जो संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी ने शनिवार आधी रात से केंद्र और मणिपुर सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। संगठन ने मांग की थी कि कांगपोकपी जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय राजमार्गों पर आवश्यक वस्तुओं, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाए। चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो विरोध प्रदर्शन और तेज किए जा सकते हैं।
दवाओं की भी आपूर्ति हुई ठप
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ उन छह नागा नागरिकों की हत्या है, जिनके लिए न्याय की मांग करते हुए नागा संगठनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर व्यापक आर्थिक नाकाबंदी कर रखी है। इस नाकाबंदी से कांगपोकपी जिले में आवश्यक वस्तुओं, दवाइयों और रोजमर्रा की चीजों की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे कुकी समुदाय में भारी नाराजगी है। इसी नाराजगी के चलते कुकी समुदाय के लोगों ने इस प्रदर्शन का निर्णय लिया। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए सीमा क्षेत्र में पहले से ही बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात थे।

